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Sonbhadra: बारिश में खतरे की घंटी... मुख्य बाजारों और चौराहों पर बिना सुरक्षा घेरे के रखे हैं ट्रांसफार्मर

Fri, 10 Jul 2026 02:41 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

सोनभद्र जिले में मुख्य बाजारों और चौराहों पर बिना सुरक्षा घेरे के ट्रांसफार्मर रखे हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में ये ट्रांसफार्मर खतरे की घंटी हैं। रॉबर्ट्सगंज नगर क्षेत्र में करीब 32 स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगे हैं। ज्यादातर स्थानों पर सुरक्षा जाली नहीं लगाया गया है। 
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खुले में रखा गया है ट्रांसफार्मर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोनभद्र जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में रखे गए विद्युत ट्रांसफार्मर कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। बिजली निगम की ओर से सुरक्षा मानकों के पालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। रॉबर्ट्सगंज नगर क्षेत्र में करीब 32 स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगे हैं। इनमें से 8 से 10 स्थानों पर या तो सुरक्षा जाली नहीं है अथवा पहले से लगी जाली पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। 

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कई ट्रांसफार्मर सड़क किनारे, विद्यालयों और घनी आबादी के बीच कम ऊंचाई पर लगे हैं, जिससे बारिश के समय करंट उतरने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों की तरफ से कई बार ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा घेरा मजबूत करने और चबूतरा ऊंचा करते हुए ट्रांसफार्मर रखे जाने की मांग कर चुके हैं। मगर निगम के अधिकारियों का ध्यान इस पर नहीं गया। क्षेत्रीय लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों से बिना समय गंवाए खुले में रखे ट्रांसफार्मरों के पास सुरक्षा जाली लगवाने की मांग की है। 

दृश्य एक: ट्रांसफार्मर की सुरक्षा घेरा क्षतिग्रस्त, घटनाओं से सबक नहीं
रॉबर्ट्सगंज नगर के अखाड़ा मोहाल स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के गेट के ठीक बगल में लगे ट्रांसफार्मर की सुरक्षा जाली क्षतिग्रस्त हो चुकी है। भारी क्षमता का ट्रांसफार्मर खुले में संचालित हो रहा है। विद्यालय में आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी रहती है। बगल में किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहे विजय और पंकज का कहना है कि ट्रांसफार्मर की सुरक्षा जाली क्षतिग्रस्त हो गई है और कम ऊंचाई पर तार लटक रहे हैं। बीते एक साल में दो बार केबल में आग लगने की घटना हो चुकी है, बावजूद इसके निगम के अधिकारी नहीं चेते और ट्रांसफार्मर की सुरक्षा सुदृढ़ नहीं की गई।
 
दृश्य दो: सड़क के बराबर में रखा है ट्रांसफार्मर
रॉबर्ट्सगंज के नई बस्ती (गांधीनगर) में सड़क से सटाकर ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। ट्रांसफार्मर की सुरक्षा के लिए सुरक्षा जाली लगाई गई थी, मगर यह लंबे समय से टूटी हुई है। बरसात होने पर ट्रांसफार्मर के समीप खाली प्लॉट में पानी भर जाता है। इससे करंट उतरने की आशंका बनी रहती है। मोहल्ले की ममता, सुषमा आदि का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान ट्रांसफार्मर का चबूतरा बनाते हुए इसे ऊपर करने की मांग की गई थी। मगर न तो निगम के अधिकारी ध्यान दिए और ना ही नगर पालिका के कर्मचारी।


 
दृश्य तीन : घनी आबादी के बीच रखे हैं ट्रांसफार्मर
रॉबर्ट्सगंज के मेन चौक स्थित शीतला मंदिर के समीप तिराहे पर घनी आबादी के बीच दो ट्रांसफार्मर बिना समुचित सुरक्षा व्यवस्था के लगे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इनमें अक्सर चिंगारी निकलती रहती है। इसके आसपास से दिनभर लोगों का आवागमन बना रहता है। इसके बावजूद सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया है। खुले में रखे ट्रांसफार्मर के ठीक बगल वाली सड़क पर मछली बाजार सजता और यहां बड़ी संख्या में लोग मछली की खरीदारी करने आते हैं। इसी मार्ग से संस्कृत पाठशाला मोहाल के लोगों का आवागमन होता। कई बार ट्रांसफार्मर के पास सुरक्षा जाली लगाने के लिए आवाज उठा चुके हैं, मगर अब तक नतीजा सिफर रहा।

दृश्य चार: बिच्छी पड़ाव, पीजी कॉलेज के पास खुले में है ट्रांसफार्मर
रॉबर्ट्सगंज के विस्तारित क्षेत्र छपका मोहाल स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय के समीप खुले में ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। बड़ी संख्या में यहां छात्राएं पठन-पाठन के लिए आती हैं। वहीं बगल में राजकीय पुस्तकालय और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भी है। बावजूद इसके ट्रांसफार्मर के पास सुरक्षा घेरा नहीं लगाया जा सका है। यहीं स्थिति रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के बिच्छी पड़ाव के पास की है। जमीन से सिर्फ कुछ ऊंचाई पर ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। इससे अप्रिय घटना होने की आशंका बनी हुई है।

इन स्थानों पर भी खुले में रखे हैं ट्रांसफार्मर
जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर में कई स्थानों पर खुले में ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। उरमौरा स्थित डायट परिसर के सामने, नवीन सब्जी मंडी गेट के समीप खुले में ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। वहीं बढ़ौली चौराहे के पास सिंचाई डाक बंगला जाने वाले मार्ग पर ट्रांसफार्मर की सुरक्षा जालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इनके मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।


 
पहले हो चुके हैं हादसे, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
रेणुसागर। अनपरा नगर पंचायत अंतर्गत औड़ी मोड़ स्थित नेहरू चौक पर दुकानों के बीच लगे ट्रांसफार्मर से पिछले वर्ष चिंगारी निकलने के बाद आग लग गई थी, जिसमें दुकानदारों का सामान जल गया था। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई। वार्ड-14 मालवीय नगर में आरटीआई कॉलेज के सामने लगे ट्रांसफार्मर में करंट उतरने से करीब छह माह पूर्व दो गाय मर गई थीं। घटना के बाद औपचारिकता के तौर पर पतली जाली लगाई गई, जो अब गायब है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो फिर कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
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लोगों ने की कार्रवाई की मांग 
सड़क निर्माण के दौरान ट्रांसफार्मर का चबूतरा ऊंचा करते हुए उस पर ट्रांसफार्मर रखे जाने की मांग की थी। साथ ही बीच सड़क बिजली का खंभा लगाने का विरोध किया, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। सड़क के बराबर में बिना सुरक्षा जाली ट्रांसफार्मर रखा होने से हादसे की आशंका बनी रहती है। -कैलाश सोनकर, गांधीनगर-नई बस्ती

परिषदीय विद्यालय के गेट के बगल में लगे ट्रांसफार्मर में बीते एक साल में दो बार शार्ट सर्किट से आग लग चुकी है। करीब 50 मीटर की दूरी तक केबल पूरी तरह जल गए थे। ट्रांसफार्मर की जाली टूटी है, कम ऊंचाई पर हाईटेंशन तार लटक रहे हैं, इससे अप्रिय घटना होने का डर बना रहता है। -अंगद पाल, अखाड़ा मोहाल

आबादी वाले क्षेत्रों में खुले ट्रांसफार्मर लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। बरसात के दिनों में करंट उतरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। बिजली निगम को चाहिए कि जनहित को ध्यान में रखते हुए नगर क्षेत्र में लगे सभी ट्रांसफार्मरों के चारों ओर मजबूत सुरक्षा जाली और चेतावनी बोर्ड लगवाएं। -सत्यपाल जैन, उत्तर मोहाल 
 
रॉबर्ट्सगंज नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर वर्षों से सुरक्षा जालियां टूटी पड़ी हैं। शिकायतों के बावजूद मरम्मत नहीं कराई जा रही है। निगम को हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। -अमित सेठ, बढ़ौली रोड 
 

अधिकारी बोले
कम्हारी मोहाल, मछली गली के साथ ही जिन ट्रांसफार्मरों के पास सुरक्षा घेरा नहीं है, वहां सुरक्षा जाली लगाने का प्रस्ताव भेजा गया है। पहले जहां जालियां लगी थीं और क्षतिग्रस्त हो गई हैं, वहां भी सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर शासन में भेजा गया है। बजट मिलने के साथ ही काम कराया जाएगा। -धर्मेंद्र पटेल, अवर अभियंता-हाइडिल उपकेंद्र 

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