घोरावल। घोरावल कोतवाली पुलिस ने एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट की 14 बस्ते गायब होने के मामले में पेशकार और नाजिर के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। विवेचना के दौरान और कई कर्मियों का गला फंसने की संभावना है। इससे वादों से संबंधित पत्रावलियों को गायब करने वाले कर्मियों में खलबली मच गई है।
गौरतलब हो कि 22 दिसंबर 2019 को घोरावल एसडीएम प्रकाश चंद्र ने तहसील भवन के पीछे कैंटिन के एक कमरे की जांच की तो 35 बस्ते में बधे हजारों पत्रावलियां खुली मिली। पत्रालवियों का अवलोकन करने पर पता चला कि उक्त बस्ते में बंधी पत्रावलियां एसडीएम न्यायालय एवं तहसीलदार कोर्ट के विभिन्न धाराओं के वाद की है और काफी निर्णित हो चुकी है। अधिकांश वाद पत्रावलियों में परवाना भी जारी नहीं किया गया है। कमरे में 21 बस्ते उपलब्ध थे और बाकी 14 बस्ते गायब मिले। कमरे में ताला बंद था जिससे स्पष्ट होता है कि चाभी से ताला खोलकर बस्ता गायब/चोरी किया गया है। एसडीएम ने सुरक्षा की दृष्टि से उक्त कमरे को सील करवा दिया है। तहसील से जुड़े कुछ कर्मियों की मानें तो निष्पक्ष ढंग से विवेचना की गई तो मुकदमे में नामजद आरोपी पेशकार, नाजिर के अलावा अन्य और कई कर्मी भी कार्रवाई की जद में आएंगे। रविवार को विवेचना के क्रम में पुलिस तहसील गई थी, लेकिन कोई मिला नहीं। कोतवाल सीपी पांडेय का कहना है कि विवेचना के दौरान जो दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।