अनपरा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति अनपरा द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल के मद्देनजर बुधवार को अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन कर विरोध जताया गया।
इलेक्ट्रिसीटी एक्ट में निजीकरण के लिए किये जा रहे संशोधन व पुरानी पेंशन प्रणाली लागू कराने समेत विभिन्न मांगों को लेकर एक दिन का कार्य बहिष्कार किया गया। अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव रोहित राय, मणिन्द्रनाथ, आलोक सिन्हा, जेई संगठन के हरिशंकर चौधरी, सत्यम यादव ने कहा कि निजीकरण के लिए सरकार बिजली बिल में संशोधन करने पर अमादा है। सरकार की इन नीतियों के विरोध में देश के लाखों विद्युत कर्मी कार्य बहिष्कार कर सरकार को चेताने का काम किया है। सरकार जनविरोधी नीतियों को वापस नही लेती है तो विवश होकर विद्युत कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होंगे। ताप विद्युत मजदूर संघ के शारदा प्रसाद, बिजली कर्मचारी संघ के सुशील श्रीवास्तव, सीटू के बिसंभर सिंह, प्राविधिक कर्मचारी संघ के रविन्द्र जायसवाल, घनश्याम सिंह ने कहा कि नई नीति के तहत सब्सिडी व क्रास सब्सिडी धीरे-धीरे कुछ वर्षों में समाप्त कर दी जाएगी। जिससे आम लोगों को बिजली काफी महंगी राशि में मिलेगी। बिल संशोधन आम उपभोक्ता विरोधी व उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला है। इसी क्रम में फेडरेशन के दिशा-निर्देशन में एटक, इंटक, सीटू, एचएमएस के तत्वावधान में कोल श्रमिकों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को एनसीएल की सभी कोल परियोजनाओं में हड़ताल कर सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में नारेबाजी की।