सोनभद्र। चार प्रान्तों से घिरे नक्सल प्रभावित जनपद सोनभद्र के गुरमा स्थित जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की पेशी जल्द ही वीडियो कांफे्रसिंग के जरिए होने लगेगी। इसके लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की तरफ से मारकुंडी मोड़ से जिला कारागार तक आप्टिकल फाइबर लाइन (ओएफसी)बिछाने का काम पूर्ण कर लिया गया है। कांफ्रेसिंग व्यवस्था जल्द शुरू करने के लिए इंजीनियर बुलाए गये है। इससे उम्मीद है के पंद्रह दिन के अंदर जिला कारागार में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बंदियों की पेशी शुरू हो जाएगी। इससे बंदियों की पेशी में सहूलियत तो होगी ही शासकीय खर्च भी कम होगा। इसके लिए जिला कारागार और कोर्ट में पहले से ही कांफ्रे सिंग रूम बनकर तैयार है।
जिला कारागार अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि कारागार प्रशासन की तरफ से 43 लाख रुपये की लागत से जनपद न्यायालय परिसर और कारागार परिसर में वीडियो कांफ्रेसिंग रूम लगभग चार साल पहले ही बनवा दिया गया है। पहले वीडियो कांफ्रेसिंग रेडियो फिक्वेंसी(आरएफ टॉवर)के जरिए शुरू होना था। एक आरएफ टॉवर कोर्ट परिसर में तो दूसरा कारागार परिसर में लगना था। लेकिन जिला कारागार मारकुंडी घाटी के नीचे होने तथा जनपद न्यायालय घाटी के ऊपर होने से आरएफ टॉवर से कनेक्टीविटी नहीं हो सका। इसके बाद आप्टिकल फाइबर लाइन बिछाकर वीडियो कांफ्रेसिंग पेशी शुरू करने की योजना बनी। इसके तहत मारकुण्डी से गुरमा कारागार तक ओएफसी बिछाने के लिए बीएसएनएल को 23 लाख रुपये का भुगतान किया गया। ओएफसी लाइन लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। उन्होने बताया कि वीडियो कांफ्रेसिंग व्यवस्था शुरू करने के लिए कार्यदायी संस्था टेक्योन कंपनी के मैनेजर से बात हुई है। मैनेजर ने बृहस्पतिवार तक दो इंजीनियर को सामान के साथ भेजने को कहा है। इंजीनियर आने पर पंद्रह दिन के अंदर वीडियो कांफ्रेसिंग से बंदियों की पेशी शुरू होने की उम्मीद है। वीडियो कांफ्रेसिंग पेशी व्यवस्था पर 66 लाख रुपये खर्च आ रहा है।