सिंगरौली और सोनभद्र में पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने के लिए विभिन्न औद्योगिक संस्थानों पर एनजीटी ने बुधवार को सुनवाई करते हुए 155 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे संबंधित इकाइयों में हड़कंप मच गया है।
याचिका कर्ता व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्वनी दूबे ने बताया कि बुधवार को एनजीटी ने सोनभद्र व सिंगरौली के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों को पर्यावरणीय क्षति पहुंचाने का जिम्मेदार मानते हुए 155 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है।
उन्होंने बताया कि एनजीटी ने एस्सार और विंध्याचल परियोजना को अपने-अपने ऐश डाइक के मरम्मत के लिए 31 दिसंबर तक के समय दिया है। साथ ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश दिया है कि रिहंद जलाशय में ऐश के साथ मानव जीवन के लिए खतरनाक केमिकल जाने से जो भी नुकसान हुआ है उसकी रिपोर्ट तैयार करके प्रभावी कदम उठाए जाएं। खुली खदानों में राख निस्तारण कार्य की भी शीघ्र शुरुआत की जाए।