बभनी। थाना क्षेत्र के शीशटोला गांव में बुधवार की रात दर्जनों की संख्या में हाथियों के झूंड ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने तीन व्यक्तियों के कच्चे घरों को ढहा दिया। वहीं घर में रखे मक्का और धान को भी हाथी खा गये। किसानों के फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचाया। शीशटोला गांव निवासी जीऊत लाल पुत्र सुदियाल बैगा, रनशाय पुत्र सुदियाल तथा जगधारी पुत्र मानशाह बैगा के घर को ढहा दिया। हाथियों के इस तांडव से गांव के लोग काफी भयभीत हो गये हैं। पूरी रात ग्रामीण डर से सो नही पा रहे हैं। लोग हाथियों की दहाड़ सुनते ही अपने बच्चों के साथ घर छोड़कर दूसरे के घरों में रात गुजारने के लिए मजबूर हो गए। छत्तीसगढ़ वन विभाग तथा यूपी वन विभाग की टीम हाथियों को भगाने में लगी हुई है। वनक्षेत्राधिकारी एएन मिश्रा अपने कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंच कर हाथियों को जंगल की ओर भगा दिया है। अब तक हाथियों ने बभनी क्षेत्र के बिछियारी, करमघट्टी, नवाटोला, मगरमाड़, नवाटोला, सेमरिया गांवों में अब तक पचासों किसानों की फसल नुकसान कर चुके हैं।
इसके अलावा दर्जनों लोगों के घर को भी हाथियों ने ढहा दिया है। छत्तीसगढ़ सीमावर्ती गांव शीशटोला में बुधवार को रात में हाथियों का झुंड गांव में घुस गया और फसल चौपट करने के साथ ही तीन लोगों का मकान ढहा दिया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने किसी तरह हाथियों को गांव से बाहर भगाया। टीम हाथियों पर नजर बनाए हुए हैं। मान सिंह, सोन सिंह, प्रदीप कुमार, लालशाह, मोहरशाह, बिहारी लाल, रामलाल, रामलखन, अहिबरन, अवधेश कुमार, विश्वनाथ, रामलोचन, विश्वनाथ, अमृतलाल, रामसुंदर, रामश्रृंगार, कन्हैयालाल, मगरमाड़, नवाटोला और करमघट्टी का फसल चौपट किये। जगधारी का घर ढहाने के बाद घर मे रखा मक्का और धान को भी हाथियों ने खा लिया। मौके को देखने और किसानों के मुताबिक करीब बीस बिघा जमीन में लगे धान की फसल को हाथियों ने नुकसान कर दिया है।