सोनभद्र। दिल्ली तीस हजारी कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के ऊपर गोलीबारी एवं लाठीचार्ज की घटना से आहत वकीलों ने सोमवार को राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में चक्रमण कर पुलिस के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए विरोध -प्रदर्शन किया। इसके साथ ही विरोध स्वरूप न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया। जिसकी वजह से कोर्ट का कामकाज प्रभावित रहा और वादकारी परेशान रहे। वकीलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
सोनभद्र बार एसोसिएशन अध्यक्ष रमेश राम पाठक के नेतृत्व में वकीलों ने बार भवन से जुलूस की शक्ल में चक्रमण करते हुए पुलिस विरोधी नारेबाजी की। अंत में सिविल लाइंस रोड पर कचहरी गेट पर सांकेतिक जाम करके विरोध जताया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक अधिवक्ता चुप नहीं बैठेंगे। कहा कि जैसा बार काउंसिल ऑफ इंडिया एवं बार काउंसिल ऑफ यूपी का निर्देश मिलेगा उसी के अनुरूप कार्य किया जाएगा। वक्ताओं ने घायल वकीलों को मुआवजा भी दिलाए जाने की मांग उठाई। इसके अलावा वकीलों की सुरक्षा की गारंटी की मांग भी की। विरोध-प्रदर्शन करने वालों में डीबीए के पूर्व अध्यक्ष दयाराम यादव, एसबीए के पूर्व अध्यक्ष बी सिंह, ओपी रॉय, एसबीए महामंत्री विनोद शुक्ला, अनिल सिंह, नित्यानंद द्विवेदी, राजेंद्र चौधरी, आरएस चौधरी, सुशील शर्मा, संजीव मिश्रा, अरुण मिश्रा, पीए खान, अशोक श्रीवास्तव, नईम सिद्दिकी, महेंद्र सिंह, विनोद जायसवाल, ज्वाला प्रसाद आदि शामिल रहे। उधर डीबीए अध्यक्ष रामजन्म सिंह एवं महामंत्री प्रेम प्रताप विश्वकर्मा की तरफ से भी कार्य बहिष्कार रहा। इसकी वजह से कोर्ट का कामकाज प्रभावित रहा और वादकारी परेशान रहे।
घोरावल; तहसील अधिवक्ता समिति की एक आवश्यक बैठक सोमवार को बार भवन में आहूत की गई। बैठक में तीस हजारी कोर्ट दिल्ली के परिसर में अधिवक्ताओं के ऊपर पुलिस द्वारा किए गए बर्बरतापूर्ण कार्यवाही की घोर निंदा की गई। घटना के विरोध में अधिवक्ताओं ने सोमवार को पूरे दिन कामकाज ठप रखा। न्यायिक कार्य न होने से जरूरी कामों से आए ग्रामीणों को खासी परेशानी हुई और तमाम वादकारियों को बिना काम किए वापस लौटना पड़ा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए तहसील अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष संतोष मिश्रा ने कहा कि इस कायरतापूर्ण घटना की निष्पक्ष जांच कराकर सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। बैठक में अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से न्यायिक कार्यों को ठप रखने का निर्णय लिया। बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने दिल्ली पुलिस और शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए घायलों के समुचित उपचार और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर इनामुलहक अंसारी, रामअनुजधर द्विवेदी, रामकिंकर पाठक, राजेन्द्रकुमार पाठक, सच्चिदानंद चौबे, आदिनाथ मिश्रा, गोविन्द नारायण झा, विजेन्द्र प्रताप सिंह, आशुतोष कुमार पाण्डेय, मदन गोपाल सिंह, जय सिंह, रामचरित्र, संतोष तिवारी आदि मौजूद रहे।