सोनभद्र। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अगले वित्तीय वर्ष में विकास कार्यों को गति देने के लिए अभी से जिला प्रशासन कमर कसना शुरू कर दिया है। 31 दिसंबर तक हरहाल में 637 ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले कार्यों की खाका तैयार करना है। गांवों में खुली बैठक कर विकास कार्यों की योजना बनाई जा रही है। अब तक 200गांवों की योजना बनाई जा चुकी है।
बता दें कि केंद्र और प्रदेश सरकार देश के 115 पिछड़ जिलों में शामिल सोनभद्र में विकास कार्य कराने के लिए पर्याप्त धन मुहैया करा रही है। इसके बावजूद अब तक समस्त जरूरतमंदों को आवास, शौचालय, पेंशन, बिजली समेत अन्य सुविधाओं का लाभ मिल नहीं सका है। इसेे गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन अभी से अगले वित्तीय वर्ष में गांवों में कराए जाने वाले कार्यों और योजनाओं से लाभांवित होने वाले लोगों का प्रस्ताव तैयार कराना शुरू कर दिया है। राबट्र्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, चोपन, दुद्धी, बभनी और म्योरपुर ब्लॉक में 637 ग्राम पंचायत है। इनमें बरहमोरी, मड़पा समेत कई गांवों में विकास कार्य न के बराबर हुआ है।
डीएम एस राजलिंगम के निर्देश पर डीपीआरओ की देखरेख में ग्राम पंचायतों में दो अक्टूबर से 31 दिसंबर के बीच प्रधान एवं सेक्रेटरी की अध्यक्षता में खुली बैठक कर नाली, इंटरलॉकिंग, शौचालय, आवास, पेंशन आदि कार्यों की कार्ययोजना बनाया जाना है। जिला पंचायत राज अधिकारी आरके भारती ने बताया कि अभी तक करीब 200 ग्राम पंचायतों में खुली बैठक कर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। शेष ग्राम पंचायतों में निर्धारित समयसीमा के भीतर विकास कार्य कराने का खाका तैयार कर लिया जाएगा। शासन से प्राप्त होने वाले धन की उपलब्धता के अनुसार कार्य कराया जाएगा।