सोनभद्र। जिले के अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में शिक्षकों के पदस्थापन में खेल की जांच की मांग तेज हो गई है। राबर्ट्सगंज संसदीय क्षेत्र के सांसद पकौड़ी लाल कोल ने मामले की जांच के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने बीएसए और एक लिपिक की भूमिका की जांच की मांग उठाई है। डीएम एस. राजलिंगम ने पहले ही इस मामले की जांच एडीएम को सौंप रखी है। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से पदस्थापन संबंधी फाइलों को तलब किया है।
जिले में हाल में ही बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में शिक्षकों का पदस्थापन किया गया है। इसमें मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विद्यालयों में छात्र संख्या के अनुपात की अनदेखी करते हुए शिक्षकों का पदस्थापन मनमाना तरीके से किया गया है। अब सांसद पकौड़ी लाल कोल ने भी मामले की जांच के लिए बेसिक शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। सांसद ने पत्र में कहा है कि जिले मेें शिक्षा का स्तर दयनीय हाल में है। वर्ष 2019-20 में चयनित 95 परिषदीय विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षण कार्य संचालित किया जा रहा है। इसके लिए रिक्त पदों पर शिक्षकों का चयन किया गया। शासनादेश है कि प्रत्येक अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक, चार सहायक अध्यापक की नियुक्ति होनी है।
उसी अध्यापक को तैनात किया जाना है जो नियुक्ति के समय अंग्रेजी माध्यम से है। उधर, आरोप है कि बीएसए गोरखनाथ सिंह पटेल व बीएसए कार्यालय मेें तैनात वरिष्ठ सहायक देवेश नारायण शुक्ल द्वारा अध्यापकों की तैनाती व स्थानांतरण के नाम पर 60 से 70 हजार रुपये लिए गए तथा विकास खंडों के बाहर नियम विरुद्घ स्थानांतरण भी किया गया है जो जांच का विषय है। सांसद ने पत्र में कहा है कि कई अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों में मानक के विरुद्ध छह से आठ अध्यापकों की नियुक्ति कर धन की वसूली की गई है जो जांच का मामला है। देवेश नारायण शुक्ल वरिष्ठ सहायक द्वारा पूर्व में किए गए कार्यों में अनियमितता बरतने के कारण विभागीय कार्रवाई में दोषी पाया गया है। उन्होंने पदस्थापन को निरस्त कराकर मामले की जांच कराकर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।