सोनभद्र। सीएनडीएस कार्यदायी संस्था यूनिट 38 यूपी जल निगम द्वारा जिले में 1485.14 लाख से कराए जा रहे रपटा, सड़क निर्माण समेत अन्य कार्यों को रोक दिया गया है। विकास कार्यों को कराने में सरकारी धन का दुरुपयोग करने की शिकायत मिलने पर एडीएम ने कार्यों को बंद कराया है। स्टीमेट के अनुसार कार्य कराए जा रहे है या नहीं इसकी जांच के लिए टीमें गठित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कार्यों की जांच की कार्यवाही पूर्ण होने के बाद ही निर्माण शुरू होगा।
सीएनडीएस कार्यदायी संस्था यूनिट 38 यूपी जल निगम वित्तीय वर्ष में साडा के 1485.14 लाख से अलग-अलग गांवों में 20 निर्माण कार्य करा रही है। इसमें रपटा, सड़क, चेकडैम, पुलिया, सीसी रोड है। काम कराने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये संस्था को जारी भी कर दिया गया है। पिछले दिनों कुछ लोगों ने एडीएम से शिकायत किया है कि कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण कार्य कराने में मानकों की अनदेखी की जा रही है। कई रपटा के निर्माण में लोकल बोल्डर समेत अन्य सामग्रियों का प्रयोग किया जा रहा है। संस्था द्वारा मानक के अनुसार कार्य न कराकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। इसे गंभीरता से लेते हुए एडीएम ने कार्यदायी संस्था को तत्काल सभी कार्यों को बंद कराने कराने का निर्देश दिया है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि मानक के अनुसार कार्य न कराने की शिकायत मिलने पर सभी कार्यों को रुकवा दिया गया है। सीएनडीएस कार्यदायी संस्था द्वारा साडा के 1485.14 लाख से कराए जा रहे कार्यों की जांच करने के लिए टीमें गठित की जा रही है।