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Sonbhadra News: निरस्त किए जाएंगे बघाड़ू में कराए गए आदिवासियों की जमीन के 48 बैनामे, जानें- पूरा मामला

Tue, 16 Dec 2025 10:49 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

जनजातीय समाज की जमीन बैनामा कराने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में बघाड़ू में कराए गए आदिवासियों की जमीन के 48 बैनामे निरस्त किए जाएंगे।   
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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आदिवासी महिला से शादी-संबंध के जरिये जनजातीय समाज की जमीन बैनामा कराने और उन पर मुस्लिम वर्ग के लोगों को बसाने के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इन सभी जमीनों के बैनामे रद्द किए जाएंगे। प्रशासन की छानबीन में सिर्फ बघाड़ू में ही रजिया के नाम 34 और नन्हकी के नाम 14 बैनामे पाए गए हैं। इसमें 45 बीघा से अधिक भूमि शामिल है। बैनामे निरस्तीकरण के लिए प्रशासन ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। कोई विधिक अड़चन नहीं आई तो ये सभी जमीन सरकारी खाते में दर्ज कर ली जाएगी।

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जनजातीय समाज की महिलाओं पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव देने और उनके जरिये आदिवासियों की जमीनें खरीदने की मुहिम से जुड़ा एक मामला पिछले माह पुलिस के पास पहुंचा था। शिकायत महज एक परिवार से थी, लिहाजा उस परिवार से जुड़े आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई। 

इस बीच भाजपा के जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बघाड़ू में अचानक से बढ़ी समुदाय विशेष की आबादी और जनजाति समाज की महिलाओं से शादी व पत्नी की तरह संबंध बनाकर जमीनें हथियाने की जानकारी दी। 
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सीएम की ओर से जांच के निर्देश दिए गए थे। प्रारंभिक जांच में आरोप काफी हद तक सही भी मिले हैं। मामले में अब तक मौन साधे बैठे सरकारी तंत्र की नींद तब खुली, जब अमर उजाला ने इस मसले को प्रमुखता से उठाते हुए खबर प्रकाशित की। आनन-फानन अब इसमें कार्रवाई तेज कर दी गई है। 

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जानकारी के मुताबिक बघाड़ू में जनजाति समाज से जुड़ी रहीं महज दो महिलाओं के जरिये बहादुर और उनसे जुड़े परिवार, रिश्तेदार और परिचितों ने 48 बैनामे करवाए। धारा 80 के जरिये जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अपनाई गई। इन बैनामों को निरस्त करने के लिए तहसील न्यायालय में वाद दाखिल करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया है। नियम विरुद्ध ढंग से हुई खरीद-बिक्री को रद्द करते हुए प्रशासन भूमि का सरकारी खाते में दर्ज करने की तैयारी में है। 

नन्हकी कभी कोरची तो कभी सिंदुरी की निवासी बनकर कराती रही बैनामा 
एक तरफ बहादुर अली की पत्नी रजिया को अनुसूचित जनजाति की महिला दर्शाते हुए बघाड़ू में 34 जमीनें (लगभग 38 बीघे) बैनामा करवाई गईं। वहीं कथित नन्हकी को कभी सुंदरी तो कभी कोरची का निवासी बताते हुए 14 बैनामे (7 बीघे से अधिक) कराए गए।
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