रेणुकूट। पिपरी नगर पंचायत के चेयरमैन दिग्विजय प्रताप सिंह समेत आठ लोगों पर हुए मुकदमे के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। रविवार को भुक्तभोगी के एक वीडियो वायरल होने के बाद मामले में नया मोड़ आया है।
भुक्तभोगी अरुण राव का रविवार को वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उसने कहा है कि पिपरी के ही कुछ लोगों द्वारा उसे मोहरा बनाकर अध्यक्ष व उनके भाइयों पर गलत आरोप लगाया गया है। भुक्तभोगी ने बताया कि पिपरी चेयरमैन दिग्विजय प्रताप सिंह के भाई शिव प्रताप सिंह व अखिलेश सिंह ने उन्हें नहीं मारा है कुछ लोगों द्वारा उन्हें जबरन इस मामले में फंसाया गया है। उसका कहना है कि पिपरी नगर के कुछ लोगों ने दबाव बनाकर उसके भाई से इस मामले में झूठा केस दर्ज कराया है, जिसके बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है। बहरहाल पुलिस द्वारा जांच की जा रही है, जिसके बाद ही सच सामने आएगा। इस संबंध में सीओ पिपरी विजय शंकर मिश्रा से बात की गई तो उनका कहना था कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल वे वीआईपी ड्यूटी में वाराणसी आए हैं। वहां से वापस आने के बाद ही वे इस मामले में कुछ बोल सकते हैं।