सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, सोनभद्र पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने मंगलवार को सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में आठ दोषियों सुखदेव सिंह, धर्मेंद्र बैगा, रामेश्वर गौड़, हरदेव गौड़, रामकरन बैगा, जयराम बैगा, मिश्रीलाल गौड़ एवं राममिलन गौड़ को दोषसिद्ध पाकर उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 32-32 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड न देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने अर्थदंड की पूरी धनराशि दो लाख 56 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक शक्तिनगर थाना क्षेत्र निवासी युवक ने पांच मई 2018 को अनपरा थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि वह अपनी मंगेतर के साथ अनपरा थाना क्षेत्र के एक मंदिर में दर्शन करने गया था। दोपहर होने की वजह से मंदिर बंद हो गया था। तब मंदिर खुलने का वहीं बैठकर इंतजार करने लगा। इसी बीच 8-10 की संख्या में नकाबपोश बदमाश आ गए। मारपीट करके चाकू दिखाकर जबरन बगल में स्थित जंगल में ले गए। वहां उसे बांध दिया और कुछ दूर ले जाकर उसकी मंगेतर के साथ सभी ने सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके अलावा पांच हजार रुपये, मोबाइल, घड़ी, चैन आदि लूट कर वहां से भाग गए। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की और पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में विवेचक ने चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषियों मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिला के थाना मोरवा के बछनार गांव निवासी सुखदेव सिंह गौड़, धर्मेंद्र बैगा, रामेश्वर गौड़, हरदेव गौड़, रामकरन बैगा, जयराम बैगा, मिश्रीलाल गौड़ और कचरिया गांव निवासी राममिलन गौड़ को उम्रकैद औा 32-32 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अर्थदंड न देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की पूरी दो लाख 56 हजार रुपये धनराशि पीड़िता को मिलेगी।