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Sonebhadra News: सिर्फ की ऊर्जा राजधानी नहीं, मानव इतिहास और प्रकृति की धरोहर का केंद्र है सोनभद्र

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चोपन में बिरसा मुंडा की जयंती पर स्वयं सहायता समूह के प्रदर्शनी का अवलोकन करते मुख्यमंत्री योगी - फोटो : ramnagar news
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सोनभद्र। जनजातीय गौरव दिवस समारोह में शामिल हाेने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र के पर्यटन पर आधारित विकास पुस्तिका का विमोचन किया। इससे पहले सोनभद्र के पर्यटन स्थलों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री देखी। उन्हाेंने सोनभद्र को ऊर्जा की राजधानी के साथ मानव इतिहास और प्रकृति की अद्भुत धरोहर का केंद्र बताया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पाई जाने वाली 15 में से 14 जनजातियां अकेले सोनभद्र में रहती हैं। यह देश का सबसे बड़ा जनजातीय आबादी वाला जिला है। यहां 4 लाख से ज्यादा जनजातीय आबादी का जीवन मानव उद्गम और सभ्यता के इतिहास से जुड़ी जीवंत विरासत है। सलखन फॉसिल्स पार्क में 140 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्म विश्व के लिए अद्वितीय आकर्षण हैं। यूनेस्को की ओर से इसे विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल किया जाना सोनभद्र की वैश्विक पहचान को मजबूत करता है। शिवद्वार पंचमुखी महादेव, ज्वालामुखी शक्तिपीठ, हाथीनाला और बायोडायवर्सिटी पार्क जैसे धार्मिक और प्राकृतिक स्थल यहां स्पिरिचुअल व इको-टूरिज्म की अपार संभावनाओं को स्पष्ट करते हैं। जनजातीय गौरव संग्रहालय स्थापित कर जनजातीय समाज की कला, लोकवाद्य, जीवनशैली और परंपराओं को संरक्षित किया जाएगा, जिससे अगली पीढ़ियों को प्रेरणा दी जा सके।
उन्होंने भारत सरकार के पीएम जन मन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान प्रदेश के जनजातीय बहुल 517 गांवों में बुनियादी सुविधाओं और समग्र विकास का नया अध्याय लिख रहा है। प्रदेश में लगभग 11 लाख की जनजातीय आबादी विभिन्न जनपदों में निवास करती है और इन सभी क्षेत्रों में योजनाओं को लागू किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रह जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों से प्रेरित होकर सोनभद्र और पूरे उत्तर प्रदेश का जनजातीय समाज राष्ट्र की एकता, सुरक्षा और समृद्धि के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा और विकास की मुख्यधारा में अग्रणी भागीदार बनेगा।
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मंच पर जीवंत हुई भारत की बहुरंगी जनजातीय संस्कृति
- अरुणाचल, मप्र और सोनभद्र के आदिवासी कलाकारों ने दीं लोकनृत्य की प्रस्तुतियां
अमर उजाला ब्यूरो
सोनभद्र। जनजातीय गौरव दिवस समारोह में कई राज्यों की जनजातीय लोक कलाओं का प्रदर्शन हुआ। अरुणाचल प्रदेश से आए कलाकारों ने जहां पारंपरिक याक नृत्य की मोहक प्रस्तुति दी तो मप्र के छिंदवाड़ा से आए सरगुजा जनजातीय समूह का नृत्य भी आकर्षक रहा। मांदर की थाप पर सोनभद्र के कलाकारों ने करमा नृत्य की प्रस्तुति से सबका दिल जीता।
यह आयोजन एक भारत-श्रेष्ठ भारत की पहल का हिस्सा था। इसके तहत एक-दूसरे राज्यों में जाकर वहां की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं को बताने-समझाने का प्रयास किया जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश को यूपी के साथ जोड़ा गया है। वहां के कलाकारों का विशेष दल यहां प्रस्तुति के लिए पहुंचा था। इसी तरह मप्र के छिंदवाड़ा से भी कलाकारों की टीम ने लोक नृत्य और गायन को प्रस्तुत किया। कलाकार यहां आकर उत्साहित थे तो दूसरे राज्यों की मोहक कलाओं ने दर्शकों का भी दिल जीता।
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स्कूटी पर निकलीं महिला पुलिसकर्मी, सीएम ने दिखाई हरी झंडी
एनसीएल ने सीएसआर के माध्यम से मिशन शक्ति के तहत महिला पुलिसकर्मियों के लिए 25 स्कूटी भेंट की है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला पुलिसकर्मियों के 25 स्कूटी दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल अपने बीट में भ्रमण कर महिला सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। इस दौरान सीएम ने विभिन्न सरकारी विभागों, औद्योगिक संस्थाओं और निवेशकों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने आदिवासी सेनानियों के वंशजों को सम्मानित किया। प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास के स्वीकृति पत्र, वन भूमि अधिनियिम के तहत लाभार्थियों को खतौनी प्रदान की।
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तीर धनुष और टोपी पहनाकर किया स्वागत-
समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड ने मुख्यमंत्री को जनजातीय समाज की पहचान तीर-धनुष, वाद्य यंत्र मांदर और पारंपरिक टोपी भेंट की। साथ ही बिरसा मुंडा की प्रतिमा देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश, प्रभारी मंत्री रवींद्र जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिला प्रभारी अनिल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल, विधायक भूपेश चौबे, कैलाश आचार्य, एमएलसी विनीत सिंह, एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, पूर्व सांसद रामशकल, नरेंद्र कुशवाहा, नगर पालिका अध्यक्ष रुबी प्रसाद, शारदा खरवार, अमरेश चेरो, चोपन नगर पंचायत अध्यक्ष उस्मान अली, पूर्व विधायक तीरथराज, नागेश्वर गोंड, विनोद खरवार, अनूप तिवारी आदि मौजूद रहे।

इन प्रमुख परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण-
घोरावल-शिल्पी-कोड़ारी मार्ग स्थित सोन नदी के कोलियां घाट पर सेतु, बलुई-मीतापुर मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, उरमौरा-राजपुर रोड वाया बसौली-बहुआर-रघुनाथपुर-सिंदूरिया मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, 48वीं वाहिनी पीएसी में 200 व्यक्तियों की क्षमता वाली बैरक तथा पुलिस लाइन में 150 पुलिसकर्मियों हेतु हॉस्टल/बैरक निर्माण।


इनकी रखी गई आधारशिला
जिला ग्राम्य विकास संस्थान का आवासीय/अनावासीय भवन, नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय, घोरावल-कोहरथा-शिवद्वार मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, नवसृजित तहसील ओबरा में आवासीय भवन, थाना जुगैल में टाइप-ए के 3 तथा टाइप-बी के 23 आवास, नगर पालिका परिषद सोनभद्र में कल्याण मंडप आदि।

कांग्रेस को याद थे सिर्फ एक ही परिवार के लोग : भूपेंद्र
समारोह में भाजपा के प्रदेश भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने देश के नायकों को भूला दिया। उन्हें सिर्फ एक ही परिवार के लोग याद थे। पीएम मोदी ने समाज के सभी वर्गों के राष्ट्र नायकों को सम्मान दिया। आज जनजातीय समाज की राष्ट्रपति हैं। संसद और विधानसभाओं में उनके प्रतिनिधि है। यह उनका अधिकार था, जिससे उन्हें वंचित कर रखा गया था। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने 100 साल पहले ही जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा की बात कही थी और आज उसी पर पूरी दुनिया चर्चा कह रही है। हमें धरती आबा का संदेश सिर्फ सुनना नहीं है, जीकर दिखाना है।
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जो सम्मान देगा, वही प्यार पाएगा : असीम अरुण
समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि पीएम मोदी ने हमारे समाज के महानायक बिरसा मुंडा को सम्मान दिया। उनकी जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मान्यता दी। जो सम्मान देगा, साथ खड़ा रहेगा, हमारा समाज भी उसी के साथ खड़ा होगा और प्यार बरसाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि अपने अंदर व्यक्तिगत और समाज की कुरीतियों को दूर करें, ताकि विकसित भारत की यात्रा में आदिवासी समाज सबसे आगे खड़ा रहे।
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