शासन और जिला प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद निराश्रित महिला पेंशन के आधार प्रमाणीकरण में सबसे निचले पायदान पर सोनभद्र खड़ा है। अभी तक 15 हजार से अधिक निराश्रित महिलाओं का आधार प्रमाणीकरण नहीं हो सका है।
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से निराश्रित महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उसी में से एक पेंशन योजना भी है। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में 28198 में निराश्रित पेंशनधारक हैं। सभी पेेंशनधारकों का पेंशन के लिए आधार प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद अभी तक जिले के 12081 निराश्रित पेंशनरों का ही आधार प्रमाणीकरण हो सका है।
वहीं जिन लोगों का आधार प्रमाणीकरण नहीं हुआ है, उनके खाते में पेंशन की धनराशि नहीं भी आ सकती है। संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही का खामियाजा निराश्रित महिलाओं को भुगतना पड़ सकता है। प्रशासन की मानें तो शासन स्तर से जारी सूची के आंकड़ों पर गौर करें तो निराश्रितों के पेंशन आधार का प्रमाणीकरण कराने में सोनभद्र में 75वें स्थान पर है। गाजीयाबाद प्रथम, अमरोहा दूसरे, हापुड़ तीसरे स्थान पर है। इस संबंध में सीडीओ सौरभ गंगवार ने कहा कि संबंधितों को शीघ्र सभी निराश्रित पेंशनरों का आधार प्रमाणीकरण कराने का निर्देश दिया गया है।