शक्तिनगर। बैढ़न जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में उस समय अफरा-तफरी मच गयी। जब कुछ युवक इमरजेंसी चिकित्सक के साथ मारपीट करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दिए। मामला इतना गरमाया कि तहसीलदार समेत भारी संख्या में पुलिस बल को आना पड़ा। यह वारदात सोमवार की रात करीब नौ बजे की है। मृतक के पुत्र का आरोप है कि इलाज के अभाव में मेरे पिता की मौत हुई है।
जयंत के जैतपुर निवासी एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला था। जहां दो दिन पूर्व जिला चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया था। सोमवार रात करीब नौ बजे कोरोना पीड़ित व्यक्ति की मौत हो गयी। आरोप है कि पिता के मौत से गुस्साये उनके बेटे व अन्य परिजनों ने इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ.आशीष पाण्डेय व अन्य स्टाफ के साथ मारपीट करने लगे। वहीं कोविड वार्ड में मृतक के पुत्र व अन्य ने जमकर हंगामा करते हुए तोड़फोड़ किया है। इसकी खबर जैसे ही प्रशासन तक पहुंची तो मौके पर तहसीलदार, कोतवाली टीआई व अन्य चिकित्सक तथा भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गए। बाहर से माइक के माध्यम से पुलिस ने शांति बरतने के लिए अपील करने लगी। तब कहीं गुस्साया युवक कोविड वार्ड से आकर बिलख-बिलख कर रोते हुए ट्रामा सेंटर की पोल खोल दिया और आरोप लगाया कि दो दिन पूर्व यहां मेरे पिता को भर्ती कराया गया था। 72 घंटे के दौरान केवल एक ही बार इंजेक्शन लगा है। कोई देखने, पूछने हाल जानने स्वास्थ्य कर्मी नहीं आ रहे थे। आरोप है कि इलाज के अभाव में मेरे पिता की घुट-घुट कर मौत हुई है। मृतक के परिजन चिकित्सक व प्रभारी सिविल सर्जन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए रो-बिलख रहे थे।