उमस भरी गर्मी से जिले में बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर भी एक-एक कर जल रहे हैं। ट्रांसफार्मर बदलने के लिए सरकार ने 48 से 72 घंटे की समय सीमा तय की है। बावजूद इसके कई ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब पड़े हैं। अब तक इन्हें दुरुस्त नहीं किया जा सका है, जिससे उपभोक्ता हलाकान हैं। गर्मी में पानी के लिए भी दुश्वारी बढ़ी है।
राबर्ट्सगंज एवं पिपरी डिवीजन में मिलाकर कुल 32 हजार से अधिक स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। उमस भरी गर्मी में बिजली की खपत ज्यादा होने और लोड़ बढ़ने के कारण ट्रांसफार्मर जल जा रहे हैं। शहरी इलाकों में कुछ गनीमत है कि ट्रांसफार्मर जलने के 48 या 72 घंटे के अंदर बदल जा रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर विभाग सुस्ती दिखा रहा है। बीते दिनों आंबेडकर नगर वार्ड में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था। जिसेे 24 घंटे के अंदर बदल दिया गया, लेकिन वहीं राबर्ट्सगंज ब्लॉक के सिरपालपुर गांव में चार दिन से ट्रांसफार्मर जला है, लेकिन अब तक नहीं बदला जा सका है। गांव के प्रमोद मौर्य, लालजी, वीरेंद्र मौर्य, सीताराम आदि का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की सुस्ती के कारण ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा सका है। इससे अंधेरे में रात गुजारना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में 48 से 72 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। दक्षिणांचल के गांवों में एक सप्ताह, पंद्रह दिन ट्रांसफार्मर बदलने में लग जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग के जेई संतोष दुबे का कहना है कि सिरपालपुर में ट्रांसफार्मर बदल दिया गया है। जल्द ही सप्लाई शुरू की जाएगी।