पुलिस ने मथुरा के शेरगढ़ थानाक्षेत्र से दो किशोरियों को बरामद करते हुए क्षेत्र की आदिवासी लड़कियों को दूसरे जनपदों में ले जाकर बेचने के मामले का बुधवार को पर्दाफाश कर दिया। मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार बुधवार की सुबह सूचना मिली कि किशोरियों को फुसलाकर बेचने वाली दो महिलाएं बभनी में चौना तिराहे के पास खड़ी हैं। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार उर्मिला देवी निवासी चैनपुर और लीलावती निवासी घघरा के खिलाफ घघरा और चौना निवासी भगवान दास एवं परशुराम ने थाने में 25 जनवरी को तहरीर देकर लड़कियों को दूसरे जिले में बेचने का आरोप लगाया था।
इस पर उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366 और 370 के तहत केस दर्ज किया गया था। पूछताछ में पता चला कि 10 जनवरी को दो लड़कियां घर से विद्यालय जाने के लिए निकली थीं। उन्हें रास्ते में लीलावती नामक महिला मिली और वह दोनों को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गई।
यहां वे कई दिनों तक रहीं। लीलावती की पुत्री की शादी मथुरा में हुई थी। वहां से उसने दो व्यक्तियों को बभनी बुलाया और फिर दोनों लड़कियों को लेकर मथुरा पहुंच गई। वहां दोनों लड़कियों को 60 हजार में बेच दिया। यहां आने पर जब पता चला कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है तो दोनों फरार हो गई थीं।