शिक्षकों की कमी से जूझते जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए स्मार्ट क्लास की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। जिले के 76 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की मंजूरी मिली है। इस पर 1.82 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्मार्ट क्लास के लिए शासन ने प्रति स्कूल 2.40 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त है। ब्लाकवार उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों के चयन के बाद शिक्षा विभाग जल्द ही इसे मूर्त रूप देने में जुट गया है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने और उनकी छवि और दशा को सुधारने के लिए नित नए प्रयोग किए जा रहेेे हैं। एक ओर जहां विद्यालयों में कायाकल्प के माध्यम से रंग रोगन, टाइल्स सहित अन्य सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं तो वहीं शासन की ओर से इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक प्लेट फार्म पर शिक्षा देते हुए उन्हें और अधिक दक्ष बनाने का कार्य हो रहा है। इसके तहत जिले के 76 उच्चप्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों को चयनित किया गया है। जिनमें 1.82 करोड़ की लागत से स्मार्ट क्लास की स्थापना होगी। 200 की अधिक छात्र संख्या वाले उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा और तकनीक से जोड़ने के लिए प्रति विद्यालय पर 2.40 लाख रूपये खर्च होगा। जिससे स्मार्ट क्लास के संचालन के लिए एलईडी टीवी, प्रोजेक्टर, इनवर्टर की खरीदारी होगी। पहले चरण में 76 स्कूलों को डिजिटल इनिशिएटिव से जोड़ने के लिए चयनित किया गया है। कोविड के बाद पढ़ाई के बदले पैटर्न को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।