सोनभद्र। जिले में स्मार्ट क्लास के जरिए होने वाली पढ़ाई को विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत करीब चार सौ स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित होगी। इसमें 126 स्कूलों में स्मार्ट क्लास को स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जिले में कुल 2061 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। आकांक्षी जिलों में शामिल हाेने के बावजूद यहां शिक्षकों की भारी कमी है। जहां शिक्षकों के पचास फीसदी पद रिक्त हैं। ऐसे में स्मार्ट क्लास के जरिए होने वाली पढ़ाई बड़ा सहारा बन रही है। जिले में पहले से 361 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित हैं। वर्ष 2023 में 70 स्कूलों में दो अलग-अलग तरीके की टैब लैब स्थापित कराई गई थी, जबकि 500 स्कूलों में स्मार्ट टीवी के जरिए बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। पिछले साल राज्य स्तर से सीएसआर मद से 292 स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किया गया था। अब इस योजना को क्रमबद्ध तरीके से विस्तार किया जा रहा है। विभाग शत-प्रतिशत स्कूलों को स्मार्ट क्लास से लैस करने और प्रत्येक कक्षा में अलग-अलग स्मार्ट क्लास स्थापित करने की ओर बढ़ रहा है। इस बीच राज्य सरकार की ओर से 200 नए स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें 126 स्कूलों में स्मार्ट क्लास के लिए संसाधन मिल गए हैं। चयनित स्कूलों में वायरिंग के साथ ही इनकी सुरक्षा को लेकर काम कराए जा रहे हैं। शीघ्र इसका संचालन शुरू कराने की व्यवस्था में विभाग जुट गया है। स्मार्ट क्लास में एनिमेशन और ग्राफिक्स के माध्यम से विद्यार्थियों को रोचक ढंग से पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए ई-कंटेंट भी तैयार किया गया है। इसके अतिरिक्त जिला स्तर पर करीब 200 अन्य स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसे डीएमएफ फंड से कराए जाने का प्रस्ताव है।
दो सौ से ज्यादा स्मार्ट क्लास हो गए बेकार
जिले में स्मार्ट क्लास के स्थापना को लेकर पहल चल रही है। हालांकि इस बीच जिले के सैकड़ों स्कूलों में स्मार्ट क्लास की स्थिति बेहद खराब हैं। तीन वर्ष पूर्व में स्थापित करीब 350 स्मार्ट क्लास अब अपनी अंतिम सांस गिन रहे हैं। इनमें से करीब 103 स्मार्ट क्लास ही सक्रिय हैं। जबकि अन्य स्मार्ट क्लास खराब हो गये हैं। ऐसे में बच्चों को पढ़ाई में परेशानी हो रही है।
जिले में बड़ी संख्या में स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किया जा रहा है। पूर्व में भी काफी स्कूलों को इससे लाभान्वित किया गया है। स्मार्ट क्लास के जरिए पढ़ाई से बच्चों में काफी बदलाव आया है। स्कूलों में निजी स्कूलों से बेहतर माहौल देखने को मिल रहा है। -मुकुल आनंद पांडेय, बीएसए।