जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज समेत आस-पास के क्षेत्रों में रविवार को सुबह साढ़े दस बजे के बाद धूप निकली। लगातार दूसरे दिन भी कुहरे की वजह से मूरी एक्सप्रेस 12 घंटे व शक्तिपुंज एक्सप्रेस ढाई घंटे देर से स्टेशन पहुंची।राबर्ट्सगंज शहर व आस-पास के क्षेत्रों में शनिवार की शाम होते ही कुहरा छा गया। गलन भरी ठंड के बीच लोगों ने मध्य रात्रि में नए वर्ष का स्वागत किया।
कुहरे की वजह से जम्मू से टाटा जाने वाली मूरी एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय शनिवार की रात्रि 10 बजे के बजाय रविवार की सुबह 10 बजे 12 घंटे देर से चोपन स्टेशन पहुंची। हाबड़ा से जबलपुर जाने वाली शक्तिपुंज एक्सप्रेस रविवार को सुबह पांच बजे के बजाय सुबह 7:30 बजे निर्धारित समय से ढाई घंटे देर से स्टेशन पहुंची। वहीं जबलपुर से हाबड़ा जाने वाली शक्तिपुंज एक्सप्रेस सुबह 9:30 बजे के बजाय पूर्वान्ह 11:30 बजे अपने निर्धारित समय से दो घंटे देर से स्टेशन पहुंची।
उधर ऊर्जांचल में रविवार को नए साल की पहली सुबह कोहरे से ढंकी रही। इससे जनजीवन देर तक अस्त-व्यस्त बना रहा। न्यूनतम पारा 8.2 और अधिकतम पारा 21.4 डिग्री के इर्द-गिर्द बना रहा। कोहरे का घनेपन की स्थित यह थी कि सुबह नौ बजे तक 25 से 50 मीटर दूर की चीज मुश्किल से दिखाई दे रही थी। पहाड़ी एरिया होने के कारण ऊर्जांचल में धूप जरूर खिलती है लेकिन रविवार को दोपहर तक घना कोहरा छाया रहा ।
इसके चलते अधिकांश लोग सुबह दस बजे के बाद घरों से बाहर निकले। घने कोहरे के चलते सुबह टहलने वालों की भी तादाद काफी कम रही। स्थिति यह थी कि पौ फटने के साथ ही गुलजार हो जाने वाले हाथी पार्क में इस दिन सुबह आठ बजे तक इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। बच्चे भी इसके बाद ही पार्क पहुंचे। बता दें कि दिसंबर की शुरुआत के साथ ही शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। दिसंबर के पहले पखवारे के बाद कोहरे से काफी राहत मिल गई थी लेकिन नए साल के शुरुआत के साथ एक बार फिर कोहरे ने ऊर्जांचल को ढंक लिया है।