कस्बा स्थित बस स्टैंड चौराहे पर मंगलवार को सीटू कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया और विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई। कहा कि कोयला कामगारों के हित को लेकर जहां केंद्र सरकार उदासीन रवैया अपना रही है, वहीं केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों और खनन माफियाओं के बढ़ते वर्चस्व के चलते भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।
अगुवाई कर रहे सीटू के एनसीएल जोन अध्यक्ष एसपी सिंह, महामंत्री पीएस पांडेय ने कहा कि कामगारों के विरोध के बावजूद केंद्र सरकार कोल उद्योग में विनिवेश का रास्ता अपनाए हुए है। सुधार के नाम पर श्रम कानून के प्रावधानों को लचीला बनाया जा रहा है, जो किसी भी हाल में मजदूरों के लिए हितकर नहीं माना जा सकता।
न्यूनतम वेतन के मसले पर सीटू का संघर्ष जारी रहेगा। कहा कि खनन माफियाओं के वर्चस्व और केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों के चलते बालू, गिट्टी जैसी भवन निर्माण सामग्री की कीमत आसमान छू रही है। इससे मजदूरों के लिए पक्का आशियाना सपना बन गया है। कहा कि जल्द ही संगठन इसको लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ेगा। इस मौके पर ईस्त्रत्त्श्वरलाल, एसके चौबे, एके सिंह, अशोक धारी, वीके कुशवाहा, रघुनाथ सिंह, आरबी सिंह आदि मौजूद रहे।