राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा सोनभद्र में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की चारों इकाइयों के तत्वावधान में ‘मतदान का महत्व एवं गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की भूमिका विषय पर द्वितीय एकदिवसीय सामान्य शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रमोद कुमार ने किया। प्राचार्य ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम है, जो युवाओं को राष्ट्र और समाज से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और मताधिकार लोकतांत्रिक समानता के दो प्रमुख स्तंभ हैं, जो बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने एसआईआर की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से सही और वैध मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित होती है तथा बोगस, मृत या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों जैसी त्रुटियों को दूर किया जाता है। इससे मतदान प्रक्रिया पारदर्शी बनती है और निष्पक्ष लोकतंत्र को मजबूती मिलती है।
इसके बाद स्वयं सेवकों ने रैली निकालकर आसपास की बस्तियों में लोगों को मताधिकार और एसआईआर के प्रति जागरूक किया। ग्रामीणों से अपील की गई कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके युवक-युवतियां अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं, छूटे हुए नाम जुड़वाएं और मृत व्यक्तियों के नाम हटवाने की प्रक्रिया पूरी कराएं। संवाद