फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विकास की कीमत: एमपी के पावर प्लांट की राख से घुट रहीं यूपी की सांसें, सिंगरौली से सोनभद्र तक धूल का सफर

Tue, 06 Oct 2026 01:01 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

एमपी के पावर प्लांट की राख से घुट रहीं यूपी की सांसें। सिंगरौली से सोनभद्र के अनपरा तक धूल का सफर होने से सड़क किनारे बसे लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। सड़कों पर उड़ती राख से धूल का गुबार उठ रहा है।  
विज्ञापन
शक्तिनगर में राख परिवहन से हो रहे भयावह प्रदूषण की ताजी तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में स्थित पावर प्लांट से निकलने वाली राख के परिवहन ने यूपी के सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रदूषण की समस्या बढ़ा दी है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के नियमों के अनुपालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सड़कों पर उड़ती राख से धूल का गुबार उठ रहा है। हालात ऐसे हैं कि दोपहर में भी कई जगह दृश्यता प्रभावित हो रही है। बदहाल स्थिति के बावजूद जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

विज्ञापन


सीमा से सटे मध्यप्रदेश के सिंगरौली में देश के बड़े ताप विद्युत गृहों में शामिल पावर प्रोजेक्ट के ऐश डैम में जमा राख का इस्तेमाल एनएचएआई की निर्माणाधीन सड़क परियोजनाओं, बंद हो चुकी कोयला खदानों और अन्य स्थानों के भराव में किया जा रहा है। राख ढुलाई के लिए डेढ़ हजार से अधिक ट्रक-ट्रेलर लगाए गए हैं। प्रतिदिन करीब 500 वाहन राख लेकर निकलते हैं।

टूटी सड़कों पर ओवरलोड और गीली राख लेकर गुजरने वाले वाहनों से राख रहवासी इलाकों और बाजार की सड़कों पर गिरती है। इससे धूल और प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। बदहाल आंतरिक और बाहरी सड़कों को लेकर कई बार विरोध और आंदोलन के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
विज्ञापन


क्षेत्र के व्यवसायियों और रहवासियों का कहना है कि वे देश के विकास और राख के निस्तारण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन इसके लिए निर्धारित पर्यावरणीय गाइडलाइन का पालन होना चाहिए।

Trending Videos

अकेली महिला ने रोक दिए सौ से अधिक ट्रक 
राख से फैल रहे प्रदूषण से परेशान कोटा क्षेत्र की एक महिला ने सोमवार सुबह करीब 11 बजे अकेले सौ से अधिक लोड और खाली ट्रक-ट्रेलरों को रोक दिया। सड़क किनारे रहने वाली बेला गिरि का आरोप था कि राख के कारण पूरा घर सफेद चादर से ढक गया है और सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। समस्या से आजिज आकर उसने वाहनों को रोकने का कदम उठाया।

मप्र में रोक, यूपी में बेरोकटोक परिवहन
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस राख से यूपी के सीमावर्ती क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं, उसके परिवहन को लेकर मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध और जुर्माने का प्रावधान है। इसके चलते स्थिति यह बन रही है कि मध्यप्रदेश की राख यूपी के रास्ते दोबारा मध्यप्रदेश तक पहुंचाई जा रही है। वहीं, यूपी की सड़कों पर राख ढुलाई बेरोकटोक जारी है।

राख परिवहन के लिए कड़े नियम
एनजीटी, सीपीसीबी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत पावर प्लांट के ऐश पॉड में जमा पुरानी राख के परिवहन के लिए पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। सड़क और हवा में राख का फैलाव रोकने के लिए परिवहन के दौरान कई सावधानियां अनिवार्य की गई हैं।

यह हैं प्रमुख निर्देश
  • राख के परिवहन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए बंद वाहनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • गीली राख के परिवहन की स्थिति में मजबूत एंटी-एब्रेसिव या पीवीसी कोटेड तिरपाल से वाहन को पूरी तरह ढकना जरूरी है, ताकि हवा या झटकों से राख बाहर न निकले।
  • खुले ट्रकों या बिना ढकी ट्रॉलियों में राख का परिवहन प्रतिबंधित है।
  • राख से भरे वाहनों में निर्धारित खाली जगह रखना जरूरी है, ताकि चलते समय राख बाहर न गिरे।
  • राख से लदे वाहनों की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है।
  • राख परिवहन के लिए ऐसे मार्गों का चयन किया जाना चाहिए, जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर न गुजरें।
  • धूल नियंत्रण के लिए वाहनों के पहियों और निचले हिस्से को व्हील वॉशिंग सिस्टम से साफ करने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि टायरों से चिपकी राख सड़क पर न फैले।
  • सड़कों की सफाई के लिए नियमित रूप से मशीनीकृत स्वीपिंग और पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए।
विज्ञापन

अधिकारी बोले

बारिश के चलते सड़कों पर पानी के छिड़काव का कार्य बंद था। मौसम और जरूरत को देखते हुए जल्द ही पानी का छिड़काव शुरू कराया जाएगा।- डॉ. ओम प्रकाश, डीजीएम, एनटीपीसी सिंगरौली

यूपी बॉर्डर पर स्थित मध्यप्रदेश के तेलगवां से कोटा, शक्तिनगर, पीडब्ल्यूडी मोड़ और खड़िया बाजार तक सड़कों की स्थिति का शीघ्र आकलन कर जरूरी बंदोबस्त किए जाएंगे। -शंकर सुब्रमण्यम, जनसंपर्क अधिकारी, एनटीपीसी विंध्याचल

दो से तीन दिन में राख परिवहन से संबंधित मुद्दे की जमीनी हकीकत खुद परखी जाएगी। इसके आधार पर संबंधितों को निर्देश दिए जाएंगे और नियमों का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। -अशोक गुप्ता, एसडीएम, दुद्धी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें