अकेली महिला ने रोक दिए सौ से अधिक ट्रक
राख से फैल रहे प्रदूषण से परेशान कोटा क्षेत्र की एक महिला ने सोमवार सुबह करीब 11 बजे अकेले सौ से अधिक लोड और खाली ट्रक-ट्रेलरों को रोक दिया। सड़क किनारे रहने वाली बेला गिरि का आरोप था कि राख के कारण पूरा घर सफेद चादर से ढक गया है और सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। समस्या से आजिज आकर उसने वाहनों को रोकने का कदम उठाया।
मप्र में रोक, यूपी में बेरोकटोक परिवहन
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस राख से यूपी के सीमावर्ती क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं, उसके परिवहन को लेकर मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध और जुर्माने का प्रावधान है। इसके चलते स्थिति यह बन रही है कि मध्यप्रदेश की राख यूपी के रास्ते दोबारा मध्यप्रदेश तक पहुंचाई जा रही है। वहीं, यूपी की सड़कों पर राख ढुलाई बेरोकटोक जारी है।
राख परिवहन के लिए कड़े नियम
एनजीटी, सीपीसीबी और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत पावर प्लांट के ऐश पॉड में जमा पुरानी राख के परिवहन के लिए पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। सड़क और हवा में राख का फैलाव रोकने के लिए परिवहन के दौरान कई सावधानियां अनिवार्य की गई हैं।
यह हैं प्रमुख निर्देश
- राख के परिवहन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए बंद वाहनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
- गीली राख के परिवहन की स्थिति में मजबूत एंटी-एब्रेसिव या पीवीसी कोटेड तिरपाल से वाहन को पूरी तरह ढकना जरूरी है, ताकि हवा या झटकों से राख बाहर न निकले।
- खुले ट्रकों या बिना ढकी ट्रॉलियों में राख का परिवहन प्रतिबंधित है।
- राख से भरे वाहनों में निर्धारित खाली जगह रखना जरूरी है, ताकि चलते समय राख बाहर न गिरे।
- राख से लदे वाहनों की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है।
- राख परिवहन के लिए ऐसे मार्गों का चयन किया जाना चाहिए, जो घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर न गुजरें।
- धूल नियंत्रण के लिए वाहनों के पहियों और निचले हिस्से को व्हील वॉशिंग सिस्टम से साफ करने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि टायरों से चिपकी राख सड़क पर न फैले।
- सड़कों की सफाई के लिए नियमित रूप से मशीनीकृत स्वीपिंग और पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए।
अधिकारी बोले
बारिश के चलते सड़कों पर पानी के छिड़काव का कार्य बंद था। मौसम और जरूरत को देखते हुए जल्द ही पानी का छिड़काव शुरू कराया जाएगा।- डॉ. ओम प्रकाश, डीजीएम, एनटीपीसी सिंगरौली
यूपी बॉर्डर पर स्थित मध्यप्रदेश के तेलगवां से कोटा, शक्तिनगर, पीडब्ल्यूडी मोड़ और खड़िया बाजार तक सड़कों की स्थिति का शीघ्र आकलन कर जरूरी बंदोबस्त किए जाएंगे। -शंकर सुब्रमण्यम, जनसंपर्क अधिकारी, एनटीपीसी विंध्याचल
दो से तीन दिन में राख परिवहन से संबंधित मुद्दे की जमीनी हकीकत खुद परखी जाएगी। इसके आधार पर संबंधितों को निर्देश दिए जाएंगे और नियमों का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। -अशोक गुप्ता, एसडीएम, दुद्धी