शिक्षामित्रों ने गुरुवार को पठन पाठन बंद रखा और कहा कि सरकार उनके हितों में जल्द निर्णय ले। िशक्ष्ाामित्रों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर धरना दिया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समान कार्य का समान वेतन दिये जाने की मांग की। कहा कि यदि ऐसा नहीं करते तो इच्छामृत्यु की अनुमति दें। धरना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही। उधर कार्य बहिष्कार से दर्जनों एकल विद्यालय बंद रहे। एहतियातन पुलिस फोर्स मौजूद रही
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन, दूरस्थ बीटीसी समेत अन्य शिक्षामित्रों से जुड़े संगठनों ने गुुरुवार को संयुक्त रूप से सुबह साढ़े दस बजे से कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। जिलाध्यक्ष वकील अहमद खां ने कहा कि उनकी परेशानियों को ध्यान में रखा जाए। शिक्षामित्रों ने मांग की कि राज्य सरकार संविधान में संसोधन कर पुन: सहायक अध्यापक पद पर उन्हें नियुक्त करे। महामंत्री दिलीप त्रिपाठी ने समान काम समान वेतन की मांग उठाई।
कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं कर सकती है तो इच्छामृत्यु दे। शिक्षक कल्याण समिति के अध्यक्ष रविंद्र चौधरी ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती धरना चलता रहेगा। यहां प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अशोक सिंह, राम विलास, अफजल अहमद, अजीत कुमार सिंह, राकेश सिंह, सुरेंद्र तिवारी मौजूद रहे।
ओबरा प्रतिनिधि के अनुसार शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार से गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय रोहिनवा, पनारी ग्राम पंचायत के चैनाटोला और अमरसोता प्राथमिक विद्यालय बंद रहे। यह एकल विद्यालय हैं। इसके अलावा अन्य विद्यालयों पर पठन-पाठन सुचारू रहे।
म्योरपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के बीजपुर थाना क्षेत्र में स्थित जरहा में शिक्षामित्रों ने धरना दिया और नारेबाजी की। यहां भी शिक्षामित्रों ने समान कार्य समान वेतन की मांग उठाई। ज्यादातर विद्यालय खुले रहे। बीआरसी पर यहां गुरुवार को धरना प्रदर्शन नहीं हुआ।
बभनी प्रतिनिधि के अनुसार समायोजित शिक्षकों ने बीआरसी पर प्रदर्शन किया। धरना देकर समान कार्य समान वेतन की मांग की। सरिता शर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हितों मे जल्द निर्णय ले। इस दौरान सुचिता शर्मा, सरोज कुमार, मंजू देवी, अनिल कुमार, शंभू प्रसाद, भरत लाल, रमाशंकर, श्याम सुंदर, रामलखन मौजूद रहे।