चिल्काटांड़ पंचायत भवन पर गुरुवार की दोपहर तीन कोटा दूकानों के आवंटन को लेकर खुली बैठक हुई। इस दौरान दूकान वाले स्थल पर बैठक की मांग करते हुए कुछ लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। चार घंटे बाद भी मामला शांत न होता देख, खुली बैठक लेने आए अधिकारी बैरंग वापस हो लिए।
बताते चलें कि चिल्काटांड़ में तीन दूकानें है, तीनों को वर्तमान में निरस्त कर दिया गया है। इनकी जगह नए व्यक्ति को दूकान आवंटन के लिए गुरुवार को खुली बैठक बुलाई गई थी। पर्यवेक्षक के तौर पर एडीओ पंचायत प्रेमनाथ चौबे मौजूद थे। दोपहर बारह बजे के करीब जैसे ही उन्होंने बैैठक का एजेंडा सुनाया, कुछ लोगों ने यूनिट के हिसाब से दूकान की संख्या बढ़ाने और दुकान वाली जगह पर ही खुली बैठक बुलाने की मांग को लेकर शोर-शराबा शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने इसका एतराज जताया तो हंगामा खड़ा हो गया।
ग्रामीणों का कहना था कि चार हजार यूनिट पर एक दूकान होनी चाहिए। यहां की यूनिट करीब चालीस हजार है। ऐसे में दस दूकानें होनी चाहिए लेकिन तीन दूकान ही आवंटित की गई है, उसका भी आवंटन जब-तब निरस्त कर ग्रामीणों को कई किमी दूर से उचित दर सामग्री लाने के लिए बाध्य कर दिया जाता है।
एडीओ पंचायत एवं अन्य ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास लेकिन बात नहीं बनी। एडीओ पंचायत प्रेमनाथ ने बताया कि अब तीनों दूकानों के लिए अलग-अलग बैठक कराई जाएगी। 25 मई को चिल्काटांड़ गांव, 26 मई को चिल्काटांड़ बाजार और 27 मई को बस स्टैंड पर बैठक कर दूकानों का आवंटन किया जाएगा। इस दौरान हरिओम सिंह, नंदलाल, अयोध्या गुप्ता, आनंद प्रताप आदि मौजूद थे।