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शेल्टर हाउस बना अस्थायी कारागार

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सोनभद्र। गुरमा स्थित जिला कारागार में बंदियों व बंदी रक्षकों में से कुल 17 की रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव मिलने के बाद जेलकर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। संक्रमण पर रोक के लिए जेल प्रशासन ने राबर्ट्सगंज स्थित शेल्टर हाउस को अस्थायी कारागार बना दिया है। यहां न्यायालय से न्यायिक रिमांड पर भेजे जाने वाले बंदियों को रखा जाएगा। इसके पहले राबर्ट्सगंज के उरमौरा स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय को अस्थाई जेल बनाया गया था, लेकिन सुरक्षा व संसाधनों की कमी के चलते इस निर्णय को बदल दिया गया।
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जिला कारागार में निरूद्ध नौ बंदियों व आठ कर्मचारियों की कोरोना रिपोर्ट कुछ दिन पहले कोरोना पाजिटिव आई थी। रिपोर्ट आने के बाद जिला कारागार व उसके ठीक बगल में स्थित गुरमा पुलिस चौकी को सैनिटाइज करने के बाद इसे सील कर दिया गया था। कारागार के आवासीय परिवार को भी सैनिटाइज कर सील किया गया। कारागार में 14 दिनों तक बाहर से आने व जाने पर पूरी रोक लगा दिए जाने से समस्या पैदा हो गई। सबसे बड़ी समस्या न्यायालयों से प्रतिदिन न्यायिक हिरासत में भेजे जाने वाले बंदियों को लेकर हुई। इस पर जिलाधिकारी एस राजलिंगम व पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने न्यायिक अधिकारियों से वार्ता कर राबर्ट्सगंज के उरमौरा स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय को अस्थाई कारागार बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन यहां बंदियों को ले जाने व ले आने में पुलिस को तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टि से भी आश्रम पद्धति विद्यालय ठीक नहीं मिला। जिसकी वजह से अधिकारियों को गुरुवार को यह निर्णय बदलना पड़ा। अब अस्थाई जेल राबर्ट्सगंज के पुलिस चौकी भवन के ठीक बदल में स्थित शेल्टर हाउस को बनाने का निर्णय लिया गया है। उपजिलाधिकारी यमुनाधर चौहान व नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी को अवगत कराते हुए शेल्टर की सफाई व अन्य व्यवस्था दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया। क्षेत्राधिकारी नगर राजकुमार त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को अस्थाई कारागार के रूप में तब्दील शेल्टर हाउस का निरीक्षण कर वहां सुरक्षा व्यवस्था के लिए उपनिरीक्षकों व कांस्टेबलों की ड्यूटी लगा दी। पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि शेल्टर हाउस को अस्थाई जेल बनाया गया है। न्यायालय से न्यायिक हिरासत में भेजे जाने वाले बंदियों को यहां रखा जाएगा। न्यायालय के समीप होने के कारण बंदियों को न्यायालय में पेश करने में भी सुविधा होगी। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल का कहना है कि अब न्यायालय की तरफ से जिन बंदियों को जेल भेजा जाता है, उन्हें राबर्ट्सगंज स्थित आश्रय गृह में रखा जाएगा।
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