कांग्रेस की यूपी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार शीला दीक्षित ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तरफ से दोस्ती का हाथ बढ़ाने को सिरे से खारिज कर दिया है। कहा है कि फिलहाल दोस्ती का कोई इरादा नहीं। भविष्य में कुछ भी संभव है। कांग्रेस यूपी में अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।
शीला ने शुक्रवार की रात राबर्ट्सगंज के विजयगढ़ वाटिका में पत्रकार वार्ता की। कहा कि 2017 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस जीतेगी और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। जनता समझ चुकी है कि जातिवाद, संप्रदायवाद के नाम पर चुनाव लड़ने वाली पार्टियां यूपी का भला नहीं कर सकतीं। एक सवाल के जवाब में कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को अच्छा बताकर दोस्ती का जो हाथ बढ़ावा है, वह स्वागत योग्य है, लेकिन फिलहाल कांग्रेस का दोस्ती का कोई इरादा नहीं है। इसके पूर्व यूपी के कांग्रेस चुनाव संचालन समिति के चेयरमैन पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. संजय सिंह ने सपा, बसपा और भाजपा पर बरसे। कहा कि इन तीनों पार्टियों ने यूपी को बर्बाद किया है। उन्होंने जो भी वायदे किये, वे पूरे नहीं किये। प्रदेश को विकास की राह पर ले जाने की जगह जातिवाद, परिवारवाद और सांप्रदायिकता की आग में झोंका।
अब जनता समझ गई है कि इन पार्टियों से प्रदेश का भला नहीं होने वाला। जनता कांग्रेस को विकल्प के रूप में देख रही है। पत्रकार वार्ता के बाद शीला दीक्षित ने जनसभा को संबोधित किया और कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता अभी से विधानसभा चुनाव में जुट जाएं। गांव-गांव जाकर जनता को नीतियों से अवगत कराएं। इसके पूर्व पार्टी नेताओं ने शीला दीक्षित और डा. संजय सिंह का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस मौके पर रामयज्ञ द्विवेदी, मधु राय, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, अरूण सिंह, राहुल श्रीवास्तव, रमेश देव पांडेय, सुशील पाठक, अनिल सिंह, जगदीश मिश्रा, सोनी गुप्ता, आशुतोष दूबे, विवेक सिंह, फरीद खां, सिराजुद्दीन, अभिषेक चौबे, अमित चौबे आदि मौजूद रहे।