शाहगंज (सोनभद्र)। न शहनाई, न बैंड बाजा और पूरे उत्साह में लॉकडाउन के बीच अक्षय तृतीया के शुभ लग्न पर रविवार रात एक जोड़ा परिणय सूत्र में बंधकर अपनी शादी को यादगार बना डाला। राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के भुंवरी गांव में लॉकडाउन के बीच जिला प्रशासन से मिली अनुमति के तहत बेहद सीमित संसाधनों में विवाह की रस्में निभाई गईं और सोमवार सुबह दुल्हन की विदाई हुई। जिला मुख्यालय से सटे जमगाईं गांव निवासी पेशे से एकाउंटेंट रविन्द्र कुमार की शादी राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के भुंवरी गांव निवासी रमाकांत की पुत्री कविता के साथ पहले से ही तय हुई थी।
लेकिन लॉकडाउन के चलते विवाह धूमधाम से होना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में दोनों पक्ष परिस्थिति से समझौता करना उचित समझे और जिला प्रशासन से अक्षय तृतीया के दिन विवाह की अनुमति मांगी। प्रशासन से अनुमति के बाद विवाह में मात्र दस लोग शामिल हुए और समस्त औपचारिकताएं पूरी की गई। खुशनुमा माहौल में दुल्हन की विदाई भी हुई। वैवाहिक समारोहों में तमाम तामझाम के चलन के दौर में बहुत कम खर्च में हुई यह शादी चर्चा में है और लॉकडाउन के चलते फंसे अन्य वैवाहिक समारोहों के लिए उदाहरण भी है।