सिर पर मंडरा रहा खतरा जर्जर हैं सरकारी भवन
जिले के कई सरकारी भवन जर्जर हो गए हैं। बारिश के दिनों में इन भवनों से कभी भी अधिकारियों-कर्मचारियों को खतरा पैदा हो सकता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थिति बदतर है। डायट परिसर में स्थित कर्मचारियों के आवास भी काफी खस्ताहाल हैं और इनमें कभी भी हादसा हो सकता है। फायर ब्रिगेड का भवन भी जर्जर हालात में है।जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान का भवन सदर ब्लॉक के उरमौरा गांव में है।
तीन दशक पूर्व भवनों का निर्माण हुआ था लेकिन उसकी मरम्मत और देखभाल को लेकर विभागीय स्तर पर कोई रुचि नहीं ली गई। इसका नतीजा है कि भवन काफी जर्जर हो गए हैं। इसी परिसर में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन है। इसी दीवार से लेकर छत तक जर्जर है। खिड़की और दरवाजे तक टूट गए हैं। छत से बारिश के दिनों में पानी तक गिरता है। ऐसे में इस भवन में काम करने वाले कर्मचारियों पर अक्सर खतरा मंडराता रहता है। इसी डायट परिसर में कर्मचारियों के रहने के लिए आवास भी बने हैं।
ये भी काफी जर्जर हो चुकी हैं। पूर्व में बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक रहे उमाशंकर यादव के कमरे का बारजा टूटकर गिर गया था। इससे उमाशंकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद भवनों की अब तक मरम्मत नहीं हुई। डायट परिसर में फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था है। यह भवन भी तीन दशक पूर्व का बना हुआ है, देखभाल और मरम्मत के अभाव में काफी जर्जर हो गया है। बीएसए कार्यालय जर्जर होने के सवाल पर बीएसए मनभरन राम राजभर का कहना है कि पूर्व में भवन की मरम्मत कराई गई है।
अब डायट परिसर में ही नए भवन के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध हो गई है। बजट के लिए बेसिक शिक्षा निदेशालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बताया कि पूर्व में एक करोड़ रुपये नए भवन के लिए मिले थे लेकिन जमीन उपलब्ध न होने के कारण पैसा वापस भेज दिया गया था।