दस वर्ष पहले जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट में घायल की मौत के मामले में जिला जज रवींद्र विक्रम सिंह ने दो आरोपियों को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। अर्थदंड भी लगाया है।
इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन के मुताबिक छह अगस्त 2014 को रायपुर थाना क्षेत्र के नगपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में लाठी-डंडे से जमकर मारपीट हुई थी।
इस घटना में रामविलास, उसके पुत्र रामस्वरूप, पत्नी भगवंती देवी सहित अन्य को चोटें आई थी। दूसरे पक्ष से भी कुछ लोग घायल हुए थे। रामविलास की सूचना पर पुलिस ने दूसरे पक्ष से गुलाब यादव, उसके पुत्र विजय यादव, जितेंद्र यादव और सतनू उर्फ सत्येंद्र यादव के विरुद्ध मारपीट का केस दर्ज किया था।
घटना के दिन ही जिला अस्पताल में रामविलास ने दम तोड़ दिया। मौत के मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी गई थीं। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने, गवाहों के बयान और साक्ष्यों के परीक्षण के आधार पर जितेंद्र और गुलाब को दोषमुक्त करार दिया। वहीं विजय यादव व सत्येंद्र को सात-सात वर्ष के कैद की सजा सुनाई।