शिक्षा क्षेत्र म्योरपुर के आदिवासी बाहुल्य नौडीहा के विद्यालयों में
बच्चों को दोपहर को मिलने वाला निवाला बंद है। इसके पीछे सबसे प्रमुख वजह
अनाज का कम मिलना है। इस ग्राम में छह प्राइमरी और एक जूनियर हाई स्कूल है।
प्राथमिक विद्यालय कटौलीटोला, पूर्वीटोला, पश्चिम टोला और दक्षिणटोला में
तो एक सप्ताह से ही रसोईघर में ताला लटक रहा है।
बुधवार को बचे तीनों
विद्यालयों के रसोईघरों में भी ताला बंद हो गया। अध्यापकों के रिकार्ड
से पता चलता है कि सभी विद्यालयों में खाद्यान्न 50 से 400 किग्रा कम मिला
है। इसकी वजह से बच्चों के हिसाब से अनाज कम पड़ रहा है। एसएमआई म्योरपुर
वीरेंद्र यादव ने कहा कि कोटेदार तत्काल अनाज उठान कर स्कूलों में उपलब्ध
कराएं। किसी भी दशा मे भोजन बंद नही होना चाहिए।
ग्राम प्रधान नंदकिशोर एवं
अभिभावकों ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांग की है कि पर्याप्त मात्रा मे समय
से अनाज दें, ताकि बच्चों का निवाला अनवरत चलता रहे। खंड शिक्षा अधिकारी
म्योरपुर राजीव यादव ने बताया कि अनाज आदि नियमित रुप से एवं समय से नहीं
मिल पा रहा है।
इसलिए मिड डे मील बनने मे दिक्कत आ रही है। कहा कि तीन
महीने का अनाज एक साथ भेज दिया गया है। जल्द ही खाद्यान्न की समस्या को दूर
होगी।