किशोरी की खरीद फरोख्त मामले में कांग्रेस के नेता समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस नेता का नाम नामवर कुशवाहा बताया जा रहा है और ये भी जानकारी मिल रही है कि ये कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। आरोप है कि पन्नूगंज क्षेत्र की रहने वाली किशोरी की खरीद मामले में इनकी भूमिका है।
पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी की खरीद-फरोस्त करने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में पुलिस ने किशोरी को बरामद करते हुए राजस्थान के दो व्यक्ति समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें कांग्रेस नेता एवं उनकी पत्नी भी शामिल हैं।
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बताया जा रहा है कि पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी बीते 28 नवंबर की रात में करीब दस बजे संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने दस दिसंबर को केस दर्ज किया था। जांच के दौरान सामने आया कि क्षेत्र के ही कुछ लोगों ने किशोरी को राजस्थान में बेच दिया है।
मामले में पुलिस ने रविवार को रामपुर बरकोनिया के पटना निवासी संदीप जायसवाल (22), सिलथम निवासी अंकित पांडेय उर्फ सोनू (26), सच्चिदानंद पांडेय (55), कांशीराम आवास रॉबर्ट्सगंज निवासी नामवर कुशवाहा (55) और उनकी पत्नी विमला देवी (50) को गिरफ्तार किया है।
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वहीं रुपये देकर किशोरी को खरीदने वाले राजस्थान के रामपुर जोडा बस्ती निवासी विक्रम चन्द्र सैनी और रलावता निवासी कमलेश जाट (50) को भी गिरफ्तार किया है। संदीप जायसवाल के कब्जे से लड़की को बेचने के 30 हजार और विमला देवी के कब्जे से 34 हजार बरामद हुए। पुलिस टीम में एसआई मोहन सिंह, हेड कांस्टेबल धनंजय राय, विवेक यादव, अनुराग वर्मा, साधना पांडेय, सुनैना गोंड शामिल रहे।