तकरीबन दस साल पहले मनरेगा में हुए कामों में घोटालों की जांच करने पहुंची सीबीआई ने दूसरे दिन भी शनिवार को घोटालेबाजों के चल और अचल संपत्ति के बारे में पता किया। गांवों में अनजान बनकर मनरेगा के धन का दुरुपयोग करने वालों की भूमि के बारे में पता किया।
उच्च न्यायालय के आदेश पर जिले में मनरेगा के करीब तीन सौ करोड़ रुपये के हुए घोटाले की जांच कर रही सीबीआई दो दिनों से जिले में डेरा डाली हुई है। तहसील से मनरेगा के घोटालेबाजों की खतौनी निकालने के बाद सीबीआई के कर्मचारी उनकी संपत्ति का ब्यौरा एकत्र करने में जुट गए है।
सूत्रों की मानें तो शनिवार को बगही, अमोखर, बभनौली, उरमौरा, परसौना, परासी समेत अन्य गांवों में सीबीआई के सदस्यों ने ग्रामीणों से मनरेगा के घोटालेबाजों की भूमि के बारे में पूछताछ करने के बाद उसकी चौहद्दी नोट की। इसके बाद वहां से वापस चुर्क गेस्ट हाउस पहुंचे। सीबीआई सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों के करीबियों के भी चल और अचल संपत्ति के बारे में पता कर रही है।
समाचार लिखे जाने तक गेस्ट हाउस में सीबीआई के सदस्य आरोपियों के खिलाफ मिले सबूत का अध्ययन कर रहे थे।