उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा चरण सिन्हा के नेतृत्व में लखनऊ से शिक्षक दिवस पर निकली लाज बचाओ रथा यात्रा को रविवार को राबर्ट्सगंज में पुलिस ने रोक दिया।
पुलिस कर्मी जबरदस्ती रथ यात्रा को कोतवाली ले गई। हालांकि यहां कुछ देर रुकने के बाद रथ यात्रा वापस वाराणसी की ओर चली गई। पुलिस के मुताबिक जिले में धारा 144 लागू होने के बावजूद रथ यात्रा से प्रचार प्रसार किया जा रहा था।
दोपहर करीब एक बजे राबर्ट्सगंज में जिला प्रभारी एवं उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षक संघ के महामंत्री तेज बहादुर सिंह समेत अन्य पदाधिकारी सपा सरकार द्वारा शिक्षकों से किए गए वादों का बारे में लोगों को बता रहे थे।
वक्ताओं ने कहा कि सपा ने चुनाव के पूर्व संघ के वार्ता के आधार पर घोषणा पत्र में लिखा है कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों को अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था होगी। कक्षा आठवीं तक पुस्तकें और कन्याओं को दो यूनिफार्म मुफ्त मिलेगा।
इसी प्रकार सभी सरकारी एवं अनुदानित निजी महाविद्यालयों में स्नातक स्तर तक लड़कियों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।
कक्षा नौ से 12 तक बिना सरकारी अनुदान के पढ़ाने वाले अध्यापकों के लिए जीवकोपार्जन भर के लिए मासिक मानदेय की व्यवस्था की जाएगी।
इस दौरान शहर कोतवाली के सब इंस्पेक्टर एसके शर्मा फोर्स के साथ वहां पहुंचे और लाज बचाओ रथ यात्रा कोश कोतवाली ले जाने लगे। इसको लेकर पुलिस और यात्रा के साथ मौजूद लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। हालांकि पुलिस के कड़ा रुख अख्तियार करने पर वे शांत हो गए।
पुलिस का कहना था कि जिले में धारा 144 लागू है, इसके बावजूद बिना परमिशन के प्रचार किया जा रहा है जो कानून का उल्लंघन है। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिसकर्मी अपने साथ रथ यात्रा को कोतवाली के बाहर ले जाकर खड़ा करा दिए। हालांकि कुछ ही देर बाद रथयात्रा वाराणसी की तरफ रवाना हो गई। रथ यात्रा के साथ में विंध्याचल मंडल अध्यक्ष विजय पाल सिंह, शिवदास भारती, डा. द्वारिका प्रसाद सिंह, राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, अघोरनाथ सिंह मौजूद रहे।