दूसरे स्थान पर एनटीपीसी का कोरबा, जिसने 94.93 प्रतिशत पीएलएफ पर 14453.34 मिलियन यूनिट, तीसरे स्थान पर 2980 मेगावाट का एनटीपीसी का सीपत जिसने 90.97 प्रतिशत पीएलएफ पर 15875 मिलियन यूनिट, चैथे स्थान पर एनटीपीसी का रिहंद रहा जिसने 90.49 प्रतिशत पीएलएफ पर 15897.52 मिलियन यूनिट उत्पादन किया।
पांचवें स्थान पर रहे एनटीपीसी के विंध्याचल बिजली घर ने 90.33 प्रतिशत पीएलएफ पर 25178.15 मिलियन यूनिट बिजली पैदा किया है। छठवें स्थान पर रहे एनटीपीसी के ही तीन हजार मेगावाट के तालचर बिजलीघर ने 85.69 प्रतिशत पीएलएफ पर 15053 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया।
सातवें स्थान पर बारह सौ मेगावाट की लैंको अनपरा सी परियोजना रही। इस परियोजना ने 83.13 प्रतिशत पीएलएफ पर 5841.45 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की। आठवें स्थान पर कोडरमा बिजली घर 82.26 प्रतिशत पीएलएफ पर बिजली पैदा कर रहा है, जबकि नौवें स्थान पर एनटीपीसी सिंगरौली परियोजना रही जिसने 95.13 प्रतिशत पीएलएफ पर 1369.80 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की।
कोरबा वेस्ट परियोजना 81.44 प्रतिशत पीएलएफ के साथ 6390 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन के साथ दसवें स्थान पर रहा। पिछले वित्तीय वर्ष में भी सासन परियोजना सर्वाधिक बिजली उत्पादन कर सबसे आगे थी।