भारत सरकार की ओर से चलाए जा रहे राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन को प्रभावी बनाने के लिए गांव स्तर से स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण की पहल शुरू कर दी गई।
इसके लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपने के साथ ही ग्राम स्तर पर आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी को जवाबदेह बनाया गया है।
शनिवार को विकास भवन सभाकक्ष में सीडीओ महेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुई जिला स्तरीय कार्यशाला में इसके लिए विशेष रणनीति बनाई गई।
सभी विभागाध्यक्षों को ग्राम पंचायत स्तर पर पहले से गठित ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समिति को प्रभावी बनाने की ताकीद करते हुए सीडीओ ने कहा कि प्रत्येक माह इसको लेकर प्रत्येक गांव में एक बैठक होनी चाहिए,
ताकि ग्रामीणों के स्वास्थ्य, बच्चों के पोषण और गांव की सफाई सही तरीके से सुनिश्चित हो सके। एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक और डिप्टी सीएमओ डा. गणेश ने बताया कि इसको लेकर कार्ययोजना बना ली गई है।
फरवरी के अंत तक जिले के सभी गांवों में इसको लेकर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बताया गया इसके लिए ग्राम पंचायत समिति को प्रत्येक वर्ष दस हजार रुपये दिए जाएंगे।
बनवासी सेवा आश्रम की संचालक शुभा प्रेम, उमेश चौबे और जगतनारायण ने प्रोजेक्टर के माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के तरीके सुझाए।
इसके लिए अधिकारियों के साथ ही ग्राम स्तर के कर्मियों को भी सजगता का परिचय देना होगा। क्योंकि किसी भी समाज या देश की तरक्की के लिए इन तीनों बातों पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।