बीच रास्ते में चोपन के पास अरुण की सांस थम गई। परिजन चोपन सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि घर में किसी भी तरह को कोई मनमुटाव नहीं था।
पिता अक्सर कहते थे कि तहसील कार्य को लेकर तनाव है। उन्होंने विभागीय अफसरों पर परेशान करने की बात कही। दुद्धी एसडीएम निखिल यादव ने सीएचसी चोपन पहुंच कर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। उन्हें ढांढस बंधाया। चोपन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
परिजनों का कोई भी आरोप नहीं है। अगर वह कोई लिखित शिकायत करते हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अरुण कनौजिया संग्रह अमीन के पद पर थे। उनके स्थान पर मृतक आश्रित कोटे के तहत उनके बेटे को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया है। अन्य सुविधाएं व आर्थिक मदद नियमानुसार मुहैया कराई जाएगी। - निखिल यादव, एसडीएम दुद्धी।