सोनभद्र। जिले के तमाम अफसर जन शिकायतों के निस्तारण के प्रति गंभीर नहीं है। डीएम अभिषेक सिंह ने जब इसकी समीक्षा की तो पता चला कि करीब 18 अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करने में उदासीन हैं। डीएम ने ऐसे अधिकारियों का मार्च माह का वेतन रोक दिया है और उनसे जवाब तलब किया है।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने बताया कि जिन अधिकारियों का वेतन रोकते हुए जवाब-तलब किया गया है, उनमें एसडीएम राबर्ट्सगंज व ओबरा, तहसीलदार घोरावल, खंड विकास अधिकारी कोन, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, प्रभारी चिकित्साधिकारी करमा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी करमा व कोन, सहायक विकास अधिकारी दुद्धी, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत ओबरा, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंण विभाग, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता विद्युत राबर्ट्सगंज, अधिशासी अभियंता विद्युत पिपरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी आदि शामिल हैं। डीएम ने बताया कि इन अधिकारियों ने आईजीआरएस पोर्टल पर जनता की आने वाली शिकायतों को गंभीरता से न लेकर उनका निस्तारण नहीं किया। इस पर उनका वेतन मार्च माह का रोका गया है।