सोनभद्र। कोरोना-19 संक्रमण काल में विभिन्न प्रांतों/जिलों सेे जनपद में आए प्रवासी मजदूरों को त्वरित राहत/सहायतार्थ 1000 की राशि जो प्रवासी श्रमिकों के खाते में हस्तांतरित किया जाना है। लेकिन कुछ लेखपाल श्रमिकों का डाटा एकत्र करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इसके मद्देनजर सोमवार को सदर तहसील के सभागार में एसडीएम यमुनाधर चौहान ने मातहतों के साथ बैठक किया। उपजिलाधिकारी ने अनुपस्थित रहने वाले 14 लेखपालों का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया। जल्द ही कुछ और लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
शासन स्तर से जिला प्रशासन को मुंबई, दिल्ली, गुजरात समेत अन्य प्रांतों/जिलों सेे जनपद में आए प्रवासी मजदूरों के खाते में 1000 की राशि 24 जून तक हस्तांरित कराने का निर्देश दिया है। डीएम एस. राजलिंगम ने उपजिलाधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर बाहर से आए श्रमिकों का डाटा फिडिंग कराने का निर्देश दिया है। प्रवासी श्रमिकों को लेकर सोमवार को सदर तहसील केसभागार में एसडीएम ने कानूनगो, लेखपाल समेत अन्य कर्मियों के साथ बैठक किया। किन्हींकारणवश दर्जन भर से अधिक लेखपाल बैठक में शामिल नहीं हुए। अनुपस्थित रहने वाले लेखपालों ने उच्चाधिकारियों को सूचना भी नहीं दिया कि किन कारणों से वे बैठक में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध मेें एसडीएम यमुना धर चौहान ने बतायासूचना देने के बावजूद बैठक में शामिल न होने वाले लेखपाल पीट कंडोलना, बबलू, अजय, श्याम नारायण शर्मा, प्रेमनाथ, संतोष सिंह, रामधनी, सुरेंद्र नाथ मिश्र, अशोक, प्रवीण, नंदलाल सिंह, नवनीत, विवेकानंद और चंद्रशेखर का एक-एक दिन का वेतन अग्रिम आदेश तक के लिए रोक दिया गया है। चेतावनी देते हुए कहा कि कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।