बभनी थाना क्षेत्र के बहेराडोल से लापता होने के 24 घंटे बाद अधमरे हाल में खेत में पड़े मिले युवक की मंगलवार की भोर में बीएचयू में उपचार के दौरान मौत हो गई। बुधवार को परिजनों ने पुलिस पर तहरीर बदलने का आरोप लगाते हुए मृतक के शव को बभनी-सागोबांध मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया।
परिजन हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। मृतक के पिता संतोष कुमार का कहना है कि मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है। जबकि मेरे लड़के के शरीर में गंभीर चोट के निशान हैं।
जानकारी के अनुसार बहेराडोल गांव निवासी श्रवण कुमार (20)वर्षं अपने मां-बाप का इकलौता संतान था, वह एक छोटी गाड़ी चलाकर पूरे परिवार का भरण-पोषण करता था। बीते रविवार को श्रवण कुमार घर से लापता हो गया था। सोमवार को अरहर के खेत में अधमरा हालत में श्रवण कुमार मिला था। उसे एंबुलेंस से बभनी सीएचसी ले जाया गया जहां से अच्छा होने के बाद छुट्टी दे दी गई। सोमवार की शाम जब श्रवण की हालत खराब होने लगी तो जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से बीएचयू रेफर कर दिया गया, वहां मंगलवार की भोर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
आरोप है कि मृतक का चाचा दशरथ एफ आईआर दर्ज कराने बभनी थाना पहुंचे तो इंस्पेक्टर अविनाश चंद्र सिंहा शिकायत पत्र रख लिए। परिजन पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। मृतक के चाचा दशरथ का आरोप है कि मेरे शिकायत पत्र को थाना में बैठाकर बदलकर दुसरा लिखवाया गया तथा हमसे हस्ताक्षर करवा लिए।
इसी मामले को लेकर बुधवार को मृतक का शव बभनी -सागोबांध मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। इस संबंध में बभनी इंस्पेक्टर अविनाश चंद्र सिंहा से सेलफोन पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन मोबाइल नाट रिचेबल होने से बात नहीं हो सकी। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी दुद्धी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मैं बभनी थाना पर हूं एफ आईआर दर्ज कर किया गया है। सड़क पर लोग जाम न करें, थाने आकर नकल ले लें।