रेलवे दोहरीकरण में बाधक बने 11 हजार केवी के खंभे, जिनके शिफ्टिंग की चल रही कवायद। संवाद
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। कार्य के दौरान आवागमन रोकने के लिए रेलवे ने बैरिकेडिंग करना शुरू कर दिया है। टिनशेड लगाकर घेरेबंदी की जा रही है। बहुप्रतीक्षित आरओबी का काम शुरू होने से जहां लोगों में उत्साह है तो वहीं आवागमन को लेकर चिंता भी है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कार्य शुरू होने पर बृहस्पतिवार को लोगों ने नाराजगी जताई। मांग की कि पहले वैकल्पिक रास्ता बनाया जाए, उसके बाद ही निर्माण शुरू किया जाए, ताकि आमजन को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने कहा कि रॉबर्ट्सगंज से खलिहारी होते हुए बिहार को जोड़ने वाली यह सड़क सैकड़ों गांवों की लाइफ लाइन है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से न तो कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। जुलाई से स्कूल खुलने के बाद सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को होगी। रेलवे को पहले से एडवाइजरी जारी कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि रास्ता कितने दिनों तक बंद रहेगा और आमजन के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने पूरे मामले को लेकर डीएम से बात की। डीएम ने पैदल व बाइक सवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया है। विरोध जताने वालों में रमेश श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, अभिषेक श्रीवास्तव, सृजन श्रीवास्तव, राज कुमार सोनी, सचिव कुमार सोनी, भरत सोनी, दिनेश पांडेय, विष्णु सोनी, पुरुषोत्तम सोनी आदि मौजूद रहे।
ऐसे होगा रूट डायवर्जन
चुनार-चोपन रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण कार्य के तहत रॉबर्ट्सगंज में लेवल क्रॉसिंग संख्या-37 (जोगियावीर महाल रेलवे क्रॉसिंग-पन्नूगंज रोड) पर बनने वाले आरओबी के लिए रूट डायवर्ट रखने का निर्देश दिया गया है। डीएम चर्चित गौड़ ने बताया कि पन्नूगंज से मिर्जापुर, वाराणसी एवं घोरावल जाने के लिए हल्के वाहन वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के तेंदू से बनौरा होते हुए बेलखुरी मार्ग को निर्धारित किया गया है। वहीं भारी वाहनों के लिए मधुपुर में मझगाई मोड़ से बनौरा होकर बेलखुरी तक वैकल्पिक मार्ग रहेगा। डीएम ने कहा कि आरओबी निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्रवासियों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही यातायात जाम और दुर्घटनाओं की संभावनाओं में भी कमी आएगी।
रेलवे दोहरीकरण में बाधक बने 11 हजार केवी के खंभे, जिनके शिफ्टिंग की चल रही कवायद। संवाद