सोनभद्र/मधुपुर। मोटर व्हीकल (एमवी) एक्ट में संशोधन के खिलाफ चालक सोमवार को सड़क पर उतर आए। डिपो परिसर में रोडवेज बसें खड़ी कर चालकों ने प्रदर्शन किया तो मधुपुर में ट्रक चालकों ने हाईवे पर जाम लगाया। विंढमगंज, चुर्क के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी ट्रक चालकों के साथ सवारी वाहनों के चालक भी हड़ताल पर रहे। चालकों की हड़ताल से राहगीर परेशान रहे। ड्यूटी पर या घर जा रहे लोगों को वापस लौटना पड़ा।
सोनभद्र डिपो की 60 एवं विंध्यनगर डिपो की 46 बसों का संचालन जनपद के साथ ही अन्य मार्गों पर हो रहा है। सोनभद्र डिपो की बसों को डिपो परिसर में खड़ा कर चालकों ने एमवी एक्ट में किए गए संशोधन का विरोध किया। शासन से इसे वापस लेने की मांग की। कहा कि इस एक्ट में चालक को 10 साल की सजा और 10 लाख का जुर्माने का प्रावधान है। इस कानून से वाहन चलाना संभव नहीं होगा।
रोडवेज बस चालकों के हड़ताल पर जाने से वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर बसों का आवागमन पूरे दिन बाधित रहा। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। रोडवेज बस चालकों के हड़ताल परजाने से अकेले सोनभद्र डिपो को 10 से 11 लाख रुपये राजस्व का नुकसान हुआ है।
मधुपुर क्षेत्र में ट्रक चालकों ने वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर चक्काजाम करते हुए एमवी एक्ट में किए गए संशोधन का विरोध किया। कहा कि यह कानून चालकों के हित में कहीं से भी नहीं है। इससे चालकों का उत्पीड़न बढ़ेगा। जाम की सूचना पर पहुंचे सुकृत चौकी प्रभारी कमल नयन दुबे मौके पर पहुंचे। वाहन चालकों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए तत्काल हटाने को कहा। थोड़ी देर जद्दोजहद के बाद चालकों ने वाहनों को हटा लिया। करीब 40 मिनट के बाद आवागमन सामान्य रूप से चालू हो गया।
विंढमगंज: दुद्धी-विंढमगंज, नगरउटारी झारखंड मार्ग और विंढमगंज-कोन मार्ग पर हड़ताल के कारण सोमवार को सन्नाटा पसर गया। सामान लदे ट्रक को चालक जहां-तहा खड़ा कर दिए है। ट्रक चालकों का कहना है कि हर चालक चाहता है उससे दुर्घटना ना हो और हो जाए तो उसके लिए पहले से कानून बना हुआ था। अब नए कानून से हम लोग परेशान है। हड़ताल के कारण विंढमगंज से चलने वाले बसों पर भी खास असर पड़ा है। नववर्ष के दिन बस न चलने के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
टेंपो चालकों ने किया नए कानून का विरोध
चुर्क। एमवी एक्ट में संशोधन किए जाने से नाराज टेंपो चालक भी हड़ताल पर रहे। टेंपो चालकों के हड़ताल की वजह से चुर्क से राबर्ट्सगंज के लिए आने-जाने वाले लगभग 40 टेंपो चालकों ने वाहन खड़े कर दिए। इससे चुर्क से राबर्ट्सगंज आने-जाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दिन में गिने-चुने ई-रिक्शा का संचालन होता रहा। हड़ताल करने वालों में टेंपो चालक राजकुमार, कृष्ण, पप्पू, महेंद्र, ललन, प्रताप, रिंकू, रजन, किट्टू, रमेश, अनिल, पंकज आदि मौजूद रहे।
पीआरडी के जवान नहीं जा सके ड्यूटी
सोनभद्र। रोडवेज बस चालकों के हड़ताल पर जाने से यात्री काफी परेशान दिखे। रोडवेज बस स्टैंड के पास खड़े पीआरडी के जवान नागेश्वर ने बताया कि उनकी ड्यूटी बभनी, निजामुद्दीन, रामसूरत और देवनारायण की ड्यूटी कोन थाना क्षेत्र में लगी है। वह चारों घोरावल से किसी तरह यहां तो आ गए, मगर कोन जाने के लिए अब कोई वाहन नहीं मिल रहा है। इससे पीआरडी के जवान समय से ड्यूटी पर नही पहुंच पाए।
यात्रियों की परेशानी उनकी जुबानी::
वाराणसी जाने के लिए रोडवेज बस स्टेशन आया था। यहां पता चला कि चालकों की हड़ताल से बसों का संचालन नहीं होगा। अब हम घर जा रहे हैं। -भरत केशरी, राबर्ट्सगंज।
हम एक शिक्षक हैं। हमे प्रयागराज जाना है, वहीं के एक विद्यालय में पढ़ाते हैं। बसों का संचालन नहीं होने से परेशानी हो रही है। -अमित कुमार तिवारी, राबर्ट्सगंज।
हम मूलरूप से मुबारकपुर के रहने वाले हैं। सोनभद्र में रहकर काम करते हैं। जरूरी कार्य से वाराणसी जाना है। रोडवेज न चलने से प्राइवेट वाहन स्टैंड जा रहे हैं। -धनुषधारी।
उरमौरा ढाबा पर दो घंटे से वाहन का इंतजार कर रही हूं। मगर अभी तक न तो रोडवेज बस आई और न ही प्राइवेट बसों का संचालन हो रहा है। कैसे म्योरपुर घर पहुंचुगी समझ नहीं आ रहा। - विद्या देवी, महिला पीआरडी जवान।
नए कानून के विरोध में चालक बस खड़ी कर हड़ताल पर चले गए हैं। इससे बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। बसें न चलने से 10 से 11 लाख रुपये राजस्व की क्षति हुई है। - विश्राम कुमार, एआरएम-सोनभद्र डिपो।