एंबुलेंस की मदद से तीनो घायलों को डिबुलगंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। यहां डाॅक्टर ने चिंतामणी यादव को मृत घोषित कर दिया। हरीदास और सूका का पैर फ्रैक्चर होने के कारण दोनों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। दोनों बाईक चालकों ने हेलमेट नही पहना हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर हेलमेट पहना होता तो चिंतामणी की जान बच जाती। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चिंतामणी के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी भेज दिया।
चितामंणी यादव हिंडालको रेणुसागर में ठेकेदार के यहां कैजुअल नौकरी करता था। साथ ही घर में दूध का करोबार भी था। तीन भाईयों में वह सबसे बड़ा था। उसके दो लड़कें हैं। बड़ा सुनील यादव और छोटा आजाद यादव। मौत के बाद घर में मातम पसर गया है। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन दोनों को संभाल रहें थी।
वहीं, हरीदास यादव की एक जून को शादी है। ससुराल वालों की ओर से उसे एक माह पूर्व मोटरसाइकिल मिली थी। उसी की सर्विसिंग कराने के लिए वह कचनवरा से अनपरा के काशीमेाड़ स्थित हीरो एजेंसी जा रहा था। इसी दौरान दुर्घटना हो गई। हरीदास व उसके साथी का पैर फ्रैक्चर हो गया।