इसमें एक नक्सली की मौत हो गई। कुछ नक्सली भीतरी जंगल में मौजूद हैं। इस तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में हत्या का केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। घटना स्थल से रामवृक्ष का शव बरामद कर पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विवेचना के दौरान हार्डकोर नक्सली रॉबर्ट्सगंज के कम्हारीडीह निवासी मुन्ना विश्वकर्मा उर्फ विद्रोही उर्फ रामवृक्ष और चंदौली के नौगढ़ थाना क्षेत्र के सनाइत निवासी अजीत कोल उर्फ बब्बल का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी हार्डकोर नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा और अजीत कोल को आजीवन कारावास व 20- 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 4-4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।