नोटबंदी के 40 दिन बीतने के बावजूद अब तक बैंकों से लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। पांच सौ की नई करेंसी कम आने से अब भी फुटकर का संकट बरकरार है। मंगलवार को कई बैंकों के एटीएम से महज दो हजार रुपये की नोट ही निकल रहा था। एसबीआई के चार में से महज एक एटीएम काम कर रहा था। उधर पांच हजार से अधिक पांच सौ की पुरानी नोट जमा करने पर उपभोक्ताओं से पूछताछ की जाएगी।
बैंकों में लेनदेन अब तक सामान्य नहीं हो सका है। मंगलवार को बैंक खुलने पर लोग जमा और निकासी के लिए पहुंचे। इसमें जमा करने वालों की कम और निकासी करने वालों की लंबी कतार रही। राबर्ट्सगंज के एसबीआई की शाखा पर निकासी 24 हजार रुपये तक की हो रही लेकिन ज्यादातर दो हजार रुपये की नोट ही दी जा रही। अन्य ज्यादातर बैंकों में भी ऐसी ही स्थिति रही। पीएनबी छपका का एटीएम नोटबंदी के बाद से अब तक एक भी दिन नहीं खुला।
सलखन प्रतिनिधि के अनुसार नोटबंदी के काफी दिनों बाद भी खाताधारकों को राहत नही मिलती दिखाई दे रही है। मारकुंडी इलाहाबाद बैंक शाखा में नोटबंदी के बाद मंगलवार के दिन भी अधिकतम निकासी दो हजार रुपये तक रही जिससे उपभोक्ता परेशान दिखे। मारकुंडी बाजार समेत सलखन, केवटा, रजधन, बेलकप, करगरा, मीतापुर क्षेत्र के लोग आए दिन बैंकों पर कतार लगाने के लिए विवश हैं। बैंक शाखा प्रबंधक रौशन तिवारी ने कहा, अग्रणी बैंक होने के नाते सभी इलाहाबाद बैंक को कम करेंसी मिलती है इसलिए परेशानी है।