निदेशक परियोजना इं. आरके त्रिवेदी ने बताया कि अनपरा डी की पांच सौ मेगावाट वाली पहली इकाई के ब्वायलर ट्यूब में बार-बार आ रही दिक्कत को देखते हुए इसके अंदर के सभी ट्यूबों को बदलने की कवायद शुरू कर दी गई है। फिलहाल 74 ट्यूबों वाले ब्वायलर का 28 ट्यूब बदलने का निर्णय लिया गया है। वे दामिनी अतिथि गृह में शनिवार की सुबह वह पत्रकारों से मुखातिब थे।
उन्होंने बताया कि भेल के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट ताकीद कर दी गई है कि किसी भी हाल में अब आगे कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाने वाली है। बताया कि एक-एक ट्यूब की सैंपलिंग कर उसके मैटेरियल की गुणवत्ता तो जांची ही जाएगी, ब्वायलर ट्यूब के एक-एक ज्वाइंट की चेकिंग भी होगी। फिलहाल ब्वायलर को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए 15 से 30 दिन का समय लगने की उम्मीद है। वहीं इकाई को कामर्शियल लोड पर लेने के लिए लगातार 30 दिन 95 प्रतिशत पीएलएल पर उत्पादन पर लेना होगा। उधर, दोपहर में मसले को लेकर अनपरा डी में निदेशक परियोजना इं. आरके त्रिवेदी ने भेल अधिकारियों की बैठक ली। इस मौके पर निदेशक कार्मिक रामविशाल पांडेय, ऊर्जा सलाहकार एससी राय, सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी आदि मौजूद रहे।