जिला प्रशासन ने इस बार त्रिस्तरीय पंचायती चुुनाव में शिक्षामित्रों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। पांच ब्लाकों के कुल 526 शिक्षामित्रों की चुनावी ड्यूटी लगाई गई थी। बेसिक शिक्षा अधिकारी रामभरन राम राजभर ने बताया कि शासन ने शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन निरस्त कर दिया है, इसलिए उन्हें ड्यूटी से मुक्त किया गया है।
इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला प्रशासन ने पांच ब्लाकों के शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगाई थी। जबकि तीन ब्लाक नगवां, चतरा और बभनी के शिक्षामित्रों को इससे मुक्त रखा गया था। पांच ब्लाकों चोपन के 271, राबर्ट्सगंज के 31, म्योरपुर के 72, दुद्धी के 58 और घोरावल के 68 शिक्षामित्रों को चुनावी ड्यूटी में शामिल किया गया था। लेकिन शनिवार केे प्रशिक्षण से पूर्व ही इन शिक्षामित्रों को ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि यूपी सरकार ने शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किया था लेकिन न्यायालय ने इस समायोजन को निरस्त कर दिया। इस नाते शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक नहीं माना गया और उन्हें ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया। उधर उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि पांच से सात अक्टूबर तक दिल्ली में शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन होना है। इसिलए शिक्षामित्रों की चुनाव से ड्यूटी समाप्त करने की मांग की गई थी। मोर्चा के जिला संयोजक विमलेश कुमार सिंह ने शिक्षामित्रों से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली चलने की अपील की है।