जनपद सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ताऊते का असर दिखा। बीते तीन दिनों तक कहीं झमाझम बारिश हुई तो कहीं रिमझम बरसात से तापमान में काफी ज्यादा गिरावट आई है। 40 डिग्री सेल्सियस तापमान तक का पारा लूढ़ककर 32 से 35 डिग्री तक आ गया। तापमान गिरने से बिजली की भी मांग में कमी आई है। एक सप्ताह पहले पीक ऑवर में जो डिमांड 20 हजार मेगावाट से ज्यादा थी वह शनिवार की रात साढ़े आठ बजे तक 17 हजार से कुछ ज्यादा पर आ गई। यानी करीब तीन हजार मेगावाट की कमी आई है। इस वजह से कई इकाईयों केेेेेे बंद भी करना पड़ा।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 19 मई को प्रदेश में सामान्य से 178 फीसद व 20 मई को 127 फीसद ज्यादा बारिश हुई। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 मई को जहां सामान्य से 136 फीसद व 20 को 191 फीसद ज्यादा बरसात हुई, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 को सामान्य से 112 फीसद व 20 को 158 फीसद ज्यादा बारिश हुई। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की वेबसाइट के अनुसार, एक सप्ताह पहले 20132 मेगावाट की डिमांड पीक ऑवर में थी। शुक्रवार को यह डिमांड घटकर 15 हजार के करीब पहुंच गई। हालांकि मौसम परिवर्तन के कारण शनिवार को डिमांड 17 हजार मेगावाट पार कर गई। ओबरा तापीय परियोजना के सीजीएम इं. आरपी सक्सेना के मुताबिक तापमान में कमी के कारण डिमांड में गिरावट आई है।
अनपरा तापीय परियोजना की तीन इकाईयां बंद
अनपरा तापीय परियोजना की 210 मेगावाट की पहली, दूसरी और इतने की ही तीसरी इकाई शनिवार की सुबह बंद हो गई। सुबह पांच बजकर नौ मिनट पर तकनीकी कारणों से उत्पादन ठप हुआ। प्रबंधन अनुसार सीडब्ल्यू ट्रांसफार्मर में खराबी आने के कारण तीनों इकाईयों को शट डाउन लेना पड़ा। तत्रकाल अनुरक्षण शुरू कर दिया गया है। देर रात तक लोड पर आने की संभावना है। सीजीएम दीपक कुमार ने बताया कि इमकाईयों को शुरू करने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है।