तीन दिनों से आंधी-बूंदाबांदी के साथ बिजली परियोजनाओं में उत्पादन घटाए रखने (थर्मल बैकिंग) का भी सिलसिला जारी है। शुक्रवार को भी राज्य सेक्टर की परियोजनाओं में छह सौ मेगावाट से अधिक थर्मल बैकिंग की गई। वहीं निजी क्षेत्र की लैंको परियोजना में भी 464 मेगावाट की थर्मल बैकिंग बनी हुई थी। दोपहर में आधे घंटे के लिए बैकिंग बंद हुई थी, लेकिन इसके बाद इसे लगातार रात दस बजे तक के लिए कर दिया गया।
आंधी के चलते वितरण और पारेषण लाइनों में लगातार खराबी का दौर बना हुआ है। इसके चलते जहां विद्युत खपत में तेजी से कमी आई है। शुक्रवार को अनपरा परियोजना में तीन सौ मेगावाट तथा राज्य सेक्टर की अन्य परियोजना में 325 मेगावाट के आसपास उत्पादन घटवाए रखा गया। यह स्थिति तब है जब अनपरा डी की दोनों इकाइयों से अभी उत्पादन बंद है। उधर, सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि शक्ति भवन से रात दस बजे तक तीन सौ मेगावाट उत्पादन घटाए रखने को निर्देश मिले हैं। बताया कि पूरी उम्मीद है कि शुक्रवार देर रात तक इकाई लाइटअप कर ली जाएगी। उधर, बारह सौ मेगावाट वाली लैंको परियोजना में भी 464 मेगावाट की थर्मल बैकिंग बनी रही। डीजीएम एचआर एसके द्विवेदी ने बताया कि सुबह पौने सात बजे से बारह बजे तक थर्मल बैकिंग कराई गई। इसके आधे घंटे बाद फिर से बैकिंग शुरू हो गई है।